UrineColor – पेशाब के रंग से जानें सेहत के संकेत…
UrineColor – हम अक्सर शरीर के छोटे संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कई बार वही संकेत बड़ी समस्या का शुरुआती इशारा होते हैं। पेशाब का रंग भी ऐसा ही एक संकेत है। डॉक्टरों के अनुसार यूरिन का रंग शरीर में पानी की मात्रा, संक्रमण, किडनी और लिवर के कामकाज से जुड़ी अहम जानकारी दे सकता है।

आमतौर पर हल्का पीला रंग सामान्य माना जाता है। लेकिन यदि रंग में अचानक बदलाव दिखे और उसके साथ जलन, दर्द, बदबू या थकान जैसे लक्षण भी हों, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय रहते जांच कराने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
सामान्य रंग कैसा होता है
स्वस्थ व्यक्ति की पेशाब आमतौर पर हल्की पीली होती है। यह रंग यूरोक्रोम नामक पिगमेंट के कारण होता है, जो हीमोग्लोबिन के टूटने से बनता है। जितना अधिक पानी पिया जाता है, रंग उतना हल्का दिखाई देता है।
एक सामान्य वयस्क दिन में लगभग चार से आठ बार पेशाब करता है। पानी की पर्याप्त मात्रा लेने से शरीर संतुलित रहता है और रंग सामान्य बना रहता है।
बिल्कुल साफ या पारदर्शी
यदि पेशाब पूरी तरह पारदर्शी हो, तो संभव है कि आप आवश्यकता से अधिक पानी पी रहे हों। जरूरत से ज्यादा पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की स्थिति पैदा कर सकता है। सामान्य परिस्थितियों में दो से तीन लीटर पानी पर्याप्त माना जाता है, हालांकि यह व्यक्ति की उम्र, मौसम और गतिविधि पर निर्भर करता है।
गहरा पीला रंग
गहरा पीला रंग अक्सर डिहाइड्रेशन का संकेत होता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो यूरिन अधिक सघन हो जाता है और रंग गहरा दिखाई देता है। ऐसे में पानी का सेवन बढ़ाना जरूरी होता है। यदि रंग सामान्य नहीं हो रहा हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
धुंधला या मटमैला रंग
यदि पेशाब धुंधली या मटमैली दिखाई दे, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है। यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, किडनी स्टोन या प्रोटीन की अधिकता इसके संभावित कारण हो सकते हैं।
अगर इसके साथ जलन, तेज गंध या पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
लाल या गुलाबी रंग
लाल या गुलाबी रंग कभी-कभी भोजन जैसे चुकंदर के कारण भी हो सकता है, लेकिन लगातार ऐसा होना गंभीर संकेत हो सकता है। पेशाब में खून, किडनी स्टोन या संक्रमण इसके पीछे कारण हो सकते हैं। इस स्थिति में बिना देरी जांच कराना आवश्यक है।
भूरा या गहरा भूरा रंग
हल्का भूरा रंग लिवर से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकता है, खासकर यदि आंखों या त्वचा में पीलापन भी दिखे। गहरा भूरा रंग दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है, जिसमें मांसपेशियों के टूटने से रक्त में प्रोटीन बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता जरूरी होती है।
नीला या हरा रंग
यह स्थिति बहुत कम देखने को मिलती है। कुछ दवाइयों, मेडिकल डाई या दुर्लभ जेनेटिक कारणों से ऐसा रंग हो सकता है। यदि ऐसा बदलाव बिना स्पष्ट कारण के दिखे, तो डॉक्टर से परामर्श करना उचित है।
कब लें चिकित्सकीय सलाह
यदि रंग में बदलाव दो-तीन दिन से अधिक बना रहे या अन्य असामान्य लक्षण साथ हों, तो जांच कराना जरूरी है। पेशाब का रंग शरीर की आंतरिक स्थिति का सरल संकेत है। इसे समझकर समय पर कदम उठाना स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में अहम कदम हो सकता है।



