HeartAttack – फिल्मों जैसा नहीं होता हर बार दिल का दौरा, इन अलग लक्षणों से रहें सावधान
HeartAttack – हृदय रोग आज दुनिया भर में मृत्यु के सबसे बड़े कारणों में से एक बन चुका है। भारत सहित कई देशों में दिल का दौरा अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 20 साल से कम उम्र के युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। बिगड़ती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता ने इस खतरे को कई गुना बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोगों को हार्ट अटैक के शुरुआती और असामान्य लक्षणों की सही जानकारी हो, तो समय रहते इलाज मिल सकता है और कई जानें बचाई जा सकती हैं।

“सीने में तेज दर्द” ही एकमात्र लक्षण नहीं
अक्सर लोग हार्ट अटैक को फिल्मों में दिखाए गए दृश्यों से जोड़कर देखते हैं—जहां व्यक्ति अचानक सीने में दर्द पकड़कर गिर जाता है। लेकिन हकीकत इससे अलग है। कई मरीजों में दिल के दौरे के संकेत बेहद हल्के या असामान्य होते हैं, जिन्हें लोग सामान्य थकान, गैस, एसिडिटी या मांसपेशियों के खिंचाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही कई बार जानलेवा साबित होती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
30 से अधिक वर्षों के अनुभव वाले वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. इवान लेविन के अनुसार, लगभग 40 प्रतिशत हार्ट अटैक के मरीजों में पारंपरिक लक्षण नहीं दिखते। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों में ये लक्षण अलग तरीके से प्रकट होते हैं। उन्होंने एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि एक बुजुर्ग महिला को हाथ में दर्द हुआ, जिसे डॉक्टरों ने मांसपेशियों का खिंचाव मानकर घर भेज दिया। दुर्भाग्य से 30 मिनट बाद वह मृत पाई गईं। इस घटना ने यह साफ कर दिया कि दिल के दौरे को केवल सीने के दर्द तक सीमित समझना खतरनाक हो सकता है।
शरीर के अलग-अलग हिस्सों में महसूस हो सकता है दर्द
जब दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो नसें भ्रमित होकर शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द का संकेत भेज सकती हैं। यह दर्द जबड़े में दांत दर्द जैसा लग सकता है, बाएं हाथ में खिंचाव जैसा महसूस हो सकता है या कभी-कभी अचानक अत्यधिक थकान और फ्लू जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। कुछ मरीजों को चक्कर आना, अचानक पसीना आना या बेचैनी भी हो सकती है।
किन लोगों में असामान्य लक्षण ज्यादा दिखते हैं
महिलाओं और 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों में हार्ट अटैक के असामान्य लक्षणों की संभावना अधिक रहती है। कई बार महिलाओं में यह दर्द पेट के ऊपरी हिस्से, पीठ या गर्दन तक फैल सकता है, जिसे लोग गैस या तनाव समझ लेते हैं। कुछ मामलों में मरीज अचानक बेहोश हो सकता है या भ्रम की स्थिति में चला जाता है।
चेतावनी के संकेतों को नजरअंदाज न करें
डॉ. लेविन कहते हैं कि शरीर की भाषा को समझना बेहद जरूरी है। अगर नाभि से लेकर जबड़े तक कहीं भी अचानक, बिना वजह दर्द हो, लगातार पसीना आ रहा हो, सांस लेने में दिक्कत हो या असामान्य थकान महसूस हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें इन संकेतों के प्रति और भी सतर्क रहना चाहिए।
समय पर इलाज क्यों जरूरी है
दिल का दौरा पड़ने के बाद शुरुआती कुछ घंटे बेहद अहम होते हैं। जितनी जल्दी मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाए, उतनी ही ज्यादा संभावना होती है कि दिल को कम नुकसान पहुंचे। इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।
जागरूकता ही बचाव का पहला कदम
स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, नियमित व्यायाम करना, संतुलित आहार लेना और तनाव कम करना हार्ट अटैक के जोखिम को घटा सकता है। साथ ही, लोगों को यह समझना होगा कि हर दिल का दौरा एक जैसा नहीं होता। सही जानकारी और समय पर कार्रवाई से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।



