Toxic Movie Teaser Controversy: टीजर के बोल्ड सीन देख भड़के लोग, क्या रुक जाएगी फिल्म की रिलीज
Toxic Movie Teaser Controversy: साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता यश अपनी आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ के साथ एक बार फिर बड़े पर्दे पर तहलका मचाने के लिए तैयार हैं। फिल्म का टीजर सामने आते ही प्रशंसकों के बीच एक जबरदस्त (Latest South Cinema Updates) उत्साह की लहर दौड़ गई थी, क्योंकि यश का लुक बेहद प्रभावशाली और अनोखा नजर आ रहा है। यह फिल्म यश के करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है, लेकिन रिलीज से पहले ही इसके साथ विवाद जुड़ गया है।

अश्लीलता के आरोपों से घिरी फिल्म
फिल्म ‘टॉक्सिक’ अपनी रिलीज से पहले ही एक गंभीर कानूनी पचड़े में फंसती नजर आ रही है। हाल ही में कर्नाटक के एक सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने फिल्म के टीजर के खिलाफ (Indian Censor Board Rules) औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। कार्यकर्ता का दावा है कि टीजर में कुछ ऐसे दृश्य फिल्माए गए हैं जो समाज की नैतिकता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं और इन्हें सार्वजनिक तौर पर दिखाना उचित नहीं है।
कार के अंदर वाले सीन पर छिड़ा विवाद
दिनेश कल्लाहल्ली ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को भेजी गई अपनी शिकायत में एक खास दृश्य का जिक्र किया है। उनका कहना है कि टीजर में कार के अंदर दिखाया गया (Viral Movie Teaser Clips) एक यौन उत्तेजक और आपत्तिजनक सीन अत्यंत भद्दा है। इस दृश्य को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ने कड़ा ऐतराज जताया है और इसे अश्लीलता की श्रेणी में रखते हुए प्रसून जोशी से इस पर संज्ञान लेने की अपील की है।
युवाओं और बच्चों पर असर का डर
शिकायतकर्ता का तर्क है कि फिल्म के टीजर को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी प्रतिबंध के धड़ल्ले से देखा जा रहा है। इस डिजिटल युग में (Social Media Impact on Youth) नाबालिगों और युवाओं तक ऐसी सामग्री आसानी से पहुंच रही है, जो कानूनी रूप से अस्वीकार्य है। उनका मानना है कि इस तरह का कंटेंट सामाजिक ताने-बाने के लिए हानिकारक हो सकता है और इसे तुरंत नियंत्रित किया जाना चाहिए।
संवैधानिक सीमाओं के उल्लंघन का दावा
सामाजिक कार्यकर्ता ने अपनी शिकायत में भारतीय संविधान द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी उल्लेख किया है। उन्होंने दावा किया कि ‘टॉक्सिक’ का टीजर (Constitutional Rights in India) की सीमाओं को लांघता है। शिकायत में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि अश्लीलता और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री को अभिव्यक्ति की आजादी के तहत संरक्षण नहीं दिया जा सकता।
सिनेमैटोग्राफ अधिनियम और कड़े नियम
शिकायत में सिनेमैटोग्राफ अधिनियम 1952 और फिल्म प्रमाणन के नियमों का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी फिल्म या ट्रेलर को शालीनता के दायरे में होना चाहिए। फिल्म निर्माताओं की (Film Certification Guidelines) यह जिम्मेदारी है कि वे नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का पालन करें। कल्लाहल्ली का कहना है कि यह टीजर इन सभी स्थापित मानकों और बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन कर रहा है।
टीजर पर रोक लगाने की जोरदार मांग
अब शिकायतकर्ता ने सीबीएफसी से इस पूरे मामले की गहराई से समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि विवादास्पद दृश्यों को तुरंत हटाया जाए और (Legal Action Against Filmmakers) सुनिश्चित की जाए। याचिका में टीजर के प्रसारण पर तत्काल रोक लगाने की बात कही गई है ताकि सार्वजनिक नैतिकता और कानून के शासन को बनाए रखा जा सके।
मेकर्स की चुप्पी और प्रशंसकों की चिंता
इस बड़े विवाद और कानूनी शिकायत के बावजूद फिल्म के निर्देशक या निर्माताओं की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बन रही (Toxic Movie Star Cast) में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा और हुमा कुरैशी जैसी दिग्गज अभिनेत्रियां शामिल हैं। मेकर्स की चुप्पी ने प्रशंसकों के बीच फिल्म की रिलीज को लेकर संशय पैदा कर दिया है।
क्या 19 मार्च को हो पाएगी फिल्म रिलीज
फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर पहले ही काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं और इसकी रिलीज डेट 19 मार्च तय की गई है। अगर कानूनी विवाद गहराता है, तो (Upcoming Movie Release Dates) के कैलेंडर में बदलाव की संभावना बन सकती है। फिलहाल, पूरी फिल्म इंडस्ट्री और यश के फैंस की नजरें सेंसर बोर्ड के अगले कदम पर टिकी हुई हैं कि वह इस शिकायत पर क्या फैसला लेता है।



