RemoDSouza – धर्म और पहचान को लेकर खुलकर बात करते नजर आए रेमो
RemoDSouza – कोरियोग्राफर से निर्देशक और निर्माता तक का सफर तय कर चुके रेमो डिसूजा ने हाल ही में अपनी निजी आस्था और पारिवारिक अनुभवों पर खुलकर बातचीत की। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने अपने जीवन में धर्म को समझा और अपनाया, और इस फैसले पर उनके परिवार की प्रतिक्रिया कैसी रही।

पिता के साथ वह खास बातचीत
एक डिजिटल बातचीत के दौरान रेमो ने अपने जीवन के उस मोड़ को याद किया जब उन्होंने अपने पिता से धर्म परिवर्तन की इच्छा साझा की थी। उन्होंने बताया कि उनका जन्म हिंदू परिवार में हुआ था और उनका नाम पहले रमेश गोपी नायर था। चर्च से जुड़ाव बढ़ने के बाद उन्होंने ईसाई धर्म अपनाने का निर्णय लिया।
रेमो ने कहा कि जब उन्होंने यह बात अपने पिता को बताई तो उन्हें किसी तरह का विरोध नहीं झेलना पड़ा। उनके पिता ने केवल इतना कहा कि नाम पूरी तरह न बदलें। इसी कारण आज उनका पूरा नाम रेमो गोपी डिसूजा है। रेमो के मुताबिक, उनके माता-पिता का व्यवहार बेहद सहज और समझदार था, जिसने उन्हें अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेने का साहस दिया।
लिजेल का आध्यात्मिक सफर
रेमो की पत्नी लिजेल, जो एक कैथोलिक परिवार में पली-बढ़ी हैं, ने भी अपनी आस्था के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके लिए आध्यात्मिकता हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। हालांकि उनका पालन-पोषण ईसाई परंपराओं के साथ हुआ, लेकिन समय के साथ उन्होंने हिंदू रीति-रिवाजों के प्रति भी गहरी रुचि विकसित की।
लिजेल ने कहा कि वह पिछले करीब 25 वर्षों से घर में गणपति की मूर्ति रखती आ रही हैं। खासतौर पर पिछले कुछ वर्षों में, माता-पिता के निधन के बाद, उनका झुकाव हिंदू पूजा-पाठ की ओर और बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी दबाव का परिणाम नहीं बल्कि व्यक्तिगत आस्था का विस्तार है। उनके अनुसार, वह आज भी खुद को कैथोलिक मानती हैं, लेकिन विभिन्न धार्मिक परंपराओं का सम्मान और पालन करना उन्हें अच्छा लगता है।
बच्चों को मिली सोच की स्वतंत्रता
इस बातचीत में दंपति ने अपने बच्चों की परवरिश पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने घर में हमेशा खुलापन और सम्मान का माहौल बनाए रखने की कोशिश की है।
रेमो ने अपने बड़े बेटे के नामकरण से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि बेटे का नाम एडोनिस रखा गया, लेकिन परिवार के कुछ सदस्यों के लिए इस नाम का उच्चारण आसान नहीं था। इसलिए एक हिंदू नाम ‘ध्रुव’ भी रखा गया। बड़े होने पर बेटे ने खुद एडोनिस नाम को चुनने का निर्णय लिया। रेमो का कहना है कि बच्चों को अपनी पहचान चुनने की आजादी देना ही सही परवरिश का हिस्सा है।
पेशेवर जीवन में लगातार सक्रिय
व्यावसायिक मोर्चे पर भी रेमो डिसूजा सक्रिय हैं। उन्होंने पिछले वर्ष रिलीज हुई फिल्म ‘बी हैप्पी’ का निर्देशन किया था, जिसमें अभिषेक बच्चन मुख्य भूमिका में नजर आए थे। इसके अलावा वह आरजे महवश की पहली फिल्म ‘टेढ़ी है पर मेरी है’ को प्रस्तुत कर रहे हैं।
कोरियोग्राफी के क्षेत्र में भी उनका काम जारी है और वह इंडस्ट्री में अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए पहचाने जाते हैं। निजी जीवन में आस्था और पेशेवर जीवन में रचनात्मकता—दोनों को संतुलित करते हुए रेमो डिसूजा अपने सफर को आगे बढ़ा रहे हैं।



