MentalHealth – ध्यान और माइंडफुलनेस जैसे मुद्दों पर बोलते नजर आए बाबिल खान
MentalHealth – दिवंगत अभिनेता इरफान खान के बेटे बाबिल खान ने हाल ही में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह ध्यान और माइंडफुलनेस ने उन्हें भीतर से स्थिर रहने में मदद की। बाबिल के अनुसार, तेज़ रफ्तार जिंदगी के बीच खुद को संभाले रखना आसान नहीं होता, लेकिन सही सोच और अभ्यास से यह संभव है। उन्होंने अपने अनुभवों के जरिए यह समझाने की कोशिश की कि मानसिक संतुलन कोई एक दिन में हासिल होने वाली चीज नहीं, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है।

ध्यान को आदत नहीं, जरूरत मानते हैं बाबिल
एक बातचीत के दौरान बाबिल खान ने साफ कहा कि उनके लिए ध्यान केवल एक रूटीन का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी की बुनियादी आवश्यकता बन चुका है। उनका मानना है कि अगर ध्यान को किसी ‘टास्क’ की तरह लिया जाएगा, तो इसका असली लाभ नहीं मिल पाएगा। इसके बजाय इसे जीवन के प्राकृतिक हिस्से की तरह अपनाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि समय के साथ यह अभ्यास व्यक्ति के भीतर खुद ही जगह बना लेता है और फिर अलग से प्रयास करने की जरूरत नहीं पड़ती।
हर पल में मौजूद रहने की कला
बाबिल ने माइंडफुलनेस को लेकर भी अपनी सोच साझा की। उनके मुताबिक, जब इंसान सचेत होकर जीना सीखता है, तो उसका मन अपने आप शांत रहने लगता है। उन्होंने कहा कि माइंडफुल रहना मतलब हर पल को पूरी तरह महसूस करना है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी व्यस्त या तनावपूर्ण क्यों न हों। यह अभ्यास व्यक्ति को भटकाव से दूर रखता है और उसे वर्तमान में टिके रहने में मदद करता है।
खुद को स्वीकार करने की अहमियत
उन्होंने बातचीत में इस बात पर भी जोर दिया कि आत्मस्वीकृति मानसिक शांति की सबसे मजबूत नींव है। बाबिल के अनुसार, जब तक इंसान खुद को समझने और स्वीकार करने की कोशिश नहीं करता, तब तक वह भीतर से संतुलित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि खुद से लड़ने के बजाय खुद को अपनाना जरूरी है। यही सोच धीरे-धीरे आत्मविश्वास को बढ़ाती है और व्यक्ति को एक स्थिर दिशा देती है।
ब्रेक के बाद फिर काम पर लौटे बाबिल
हाल ही में बाबिल खान ने कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाई थी। उन्होंने यह कदम अपने मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया था। अब वे धीरे-धीरे अपने काम की ओर लौट रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने भोपाल में अपने नए प्रोजेक्ट की शूटिंग दोबारा शुरू कर दी है। इससे पहले वे ‘लॉगआउट’ नाम के शो में नजर आए थे, जहां उनके अभिनय को सराहा गया था।
युवा पीढ़ी के लिए संदेश
बाबिल की बातें खासकर युवा वर्ग के लिए अहम मानी जा रही हैं, जो आजकल मानसिक दबाव और अस्थिरता का सामना कर रहे हैं। उनका मानना है कि ध्यान और आत्मस्वीकृति जैसे सरल कदम जीवन को बेहतर दिशा दे सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना जरूरी है, ताकि लोग इसे लेकर झिझक महसूस न करें।



