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HariMurali – मलयालम अभिनेता हरि मुरली का 27 वर्ष की उम्र में निधन

HariMurali –  मलयालम फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता हरि मुरली का 27 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। कम उम्र में उनके अचानक निधन की खबर से फिल्म और थिएटर जगत में शोक का माहौल है। हरि मुरली ने बचपन से ही अभिनय की दुनिया में कदम रखा था और समय के साथ अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे।

घर में मृत पाए गए अभिनेता

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हरि मुरली अपने घर पर मृत अवस्था में पाए गए। बाद में उन्हें पय्यन्नूर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। फिलहाल उनकी मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

स्थानीय स्तर पर इस खबर के सामने आते ही मलयालम फिल्म जगत के कई लोग स्तब्ध रह गए। उनके करीबी परिचितों और सहकर्मियों ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। पुलिस और संबंधित अधिकारी मामले से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं, जबकि परिवार की ओर से भी अभी विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।

फिल्म और थिएटर से जुड़ा रहा परिवार

हरि मुरली का संबंध ऐसे परिवार से था, जो लंबे समय से कला और अभिनय की दुनिया से जुड़ा रहा है। उनके पिता के.यू. मुरली मलयालम थिएटर और सिनेमा से जुड़े जाने-माने कलाकार हैं। उन्हें पय्यान्नूर मुरली के नाम से भी पहचाना जाता है।

पारिवारिक माहौल में कला और अभिनय की मौजूदगी का असर हरि मुरली पर भी पड़ा और उन्होंने बचपन में ही कैमरे के सामने काम करना शुरू कर दिया था। उनके परिवार के अन्य सदस्य भी मनोरंजन जगत में सक्रिय रहे हैं। अभिनेता गणपति, जो मलयालम फिल्म ‘मंजुम्मेल बॉयज’ में नजर आए थे, उनके रिश्तेदार बताए जाते हैं।

बाल कलाकार के रूप में मिली पहचान

हरि मुरली ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बहुत कम उम्र में की थी। बाल कलाकार के रूप में उन्होंने कई फिल्मों में काम किया और अपनी सहज अदाकारी से दर्शकों का ध्यान खींचा। खास तौर पर ‘रसिकन’ और ‘अन्नान थम्पी’ जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी को याद किया जाता है।

इन फिल्मों के जरिए उन्होंने शुरुआती दौर में ही दर्शकों के बीच अपनी पहचान बना ली थी। बाल कलाकार के रूप में उनकी अभिनय शैली को स्वाभाविक और प्रभावी माना जाता था, जिसकी वजह से उन्हें आगे भी फिल्मों में अवसर मिलते रहे।

तकनीकी क्षेत्र में भी बनाया स्थान

बाद के वर्षों में हरि मुरली ने अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण के तकनीकी पहलुओं में भी रुचि दिखाई। उन्होंने मलयालम सिनेमा के वीएफएक्स विभाग में काम करना शुरू किया और इस क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की।

फिल्मों के तकनीकी पक्ष में काम करते हुए वह लगातार उद्योग से जुड़े रहे। बताया जाता है कि उन्होंने अपने करियर के दौरान पचास से अधिक फिल्मों में अलग-अलग भूमिकाओं में योगदान दिया था। अभिनय और तकनीकी काम के इस संयोजन ने उन्हें फिल्म जगत में एक बहुमुखी प्रतिभा वाले कलाकार के रूप में स्थापित किया।

हरि मुरली के अचानक निधन से मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। कम उम्र में उनके जाने से फिल्म और थिएटर जगत ने एक युवा कलाकार को खो दिया है।

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