DhurandharControversy – फेक करेंसी सीन पर कार्ति चिदंबरम की प्रतिक्रिया
DhurandharControversy – फिल्म निर्देशक आदित्य धर की हालिया फिल्म धुरंधर के एक खास दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चाएं हुईं। फिल्म में दिखाए गए जाली नोटों की प्लेट से जुड़े सीन को कुछ दर्शकों ने वास्तविक राजनीतिक घटनाओं से जोड़कर देखा। कई पोस्ट और मीम्स में दावा किया गया कि यह दृश्य किसी खास राजनीतिक परिवार की ओर इशारा करता है। इन कयासों के बीच अब कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने एक इंटरव्यू में इस पूरे मुद्दे पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी है।

सोशल मीडिया पर बढ़ी अटकलें
फिल्म के रिलीज होते ही एक खास सीन चर्चा का विषय बन गया। इसमें पाकिस्तान में भारतीय मुद्रा की नकली प्लेट मिलने का मामला दिखाया गया है। कुछ दर्शकों ने इस सीन को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणियां कीं और दावा किया कि इसमें एक केंद्रीय मंत्री और उनके बेटे से मिलती-जुलती परिस्थितियों का संकेत है। इसी आधार पर कार्ति चिदंबरम और उनके पिता का नाम भी जोड़ा जाने लगा। हालांकि, यह सब दर्शकों की अपनी व्याख्या पर आधारित था।
इंटरव्यू में दिया हल्का-फुल्का जवाब
एएनआई के एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान जब कार्ति चिदंबरम से पूछा गया कि क्या उन्होंने यह फिल्म देखी है, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि अभी तक फिल्म नहीं देख पाए हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि उन्हें बताया गया है कि फिल्म में उनका ‘कैमियो’ भी है। चूंकि फिल्म हिंदी में है और करीब तीन घंटे लंबी है, इसलिए शायद वह इसे अपनी उड़ानों के बीच समय निकालकर देखेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि काश फिल्म के निर्माताओं ने उनसे पूछ लिया होता कि उनके किरदार के लिए किसे कास्ट किया जाए। इस सवाल पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में पियर्स ब्रॉसनन और माइकल केन जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के नाम सुझा दिए।
फेक करेंसी सीन पर क्या बोले कार्ति
जाली नोटों की प्लेट वाले दृश्य को लेकर उठे सवालों पर कार्ति ने कहा कि जब लोग तथ्य, कल्पना और सोशल मीडिया संदेशों को एक साथ मिला देते हैं, तो भ्रम पैदा होना स्वाभाविक है। उनका कहना था कि यदि वास्तव में ऐसा कोई मामला होता, तो उससे संबंधित रिकॉर्ड भारत सरकार के पास उपलब्ध होता। उन्होंने संकेत दिया कि बिना प्रमाण के किसी भी बात को सच मान लेना ठीक नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के डिजिटल दौर में सही और गलत के बीच फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चलने वाली सूचनाएं कई बार लोगों को भ्रमित कर देती हैं। आने वाले समय में नई तकनीकों के कारण यह चुनौती और बढ़ सकती है।
फिल्म के उस दृश्य में क्या दिखाया गया है
धुरंधर में एक अहम मोड़ पर दिखाया जाता है कि हमजा नाम का किरदार, जिसे रणवीर सिंह ने निभाया है, पाकिस्तान में भारतीय मुद्रा से जुड़ा एक बड़ा रैकेट उजागर करता है। कहानी के अनुसार, पाकिस्तान में भारत की नकली करेंसी तैयार करने वाली प्लेट्स मौजूद हैं। यह जानकारी वह भारत में अजय सान्याल नामक अधिकारी तक पहुंचाता है।
सीन में एक केंद्रीय मंत्री और उनके बेटे की संभावित संलिप्तता की ओर इशारा किया जाता है, लेकिन इसे स्पष्ट रूप से किसी वास्तविक व्यक्ति से नहीं जोड़ा गया। संवादों के जरिए यह भी दिखाया गया है कि सत्ता के उच्च स्तर तक बात पहुंचाने से शायद कोई ठोस परिणाम न निकले। इसी हिस्से को कुछ दर्शकों ने वास्तविक राजनीतिक संदर्भ से जोड़कर देखा।
दर्शकों की व्याख्या बनाम आधिकारिक तथ्य
फिल्में अक्सर काल्पनिक घटनाओं को राजनीतिक या सामाजिक पृष्ठभूमि में पेश करती हैं। दर्शक कई बार अपने अनुभव और वर्तमान घटनाओं के आधार पर पात्रों और परिस्थितियों को वास्तविक चेहरों से जोड़ लेते हैं। हालांकि, किसी भी फिल्मी दृश्य को सीधे किसी व्यक्ति या मामले से जोड़ने के लिए ठोस प्रमाण जरूरी होते हैं।
कार्ति चिदंबरम की प्रतिक्रिया से यह साफ है कि वह इन चर्चाओं को गंभीर आरोप की तरह नहीं, बल्कि सोशल मीडिया की अटकलों के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल फिल्म के उस सीन को लेकर कोई आधिकारिक बयान या प्रमाण सामने नहीं आया है, जो इसे किसी वास्तविक मामले से सीधे जोड़ता हो।



