ComedyFilm – विवादों के बीच अपने किरदार पर खुलकर बोलीं मौनी रॉय…
ComedyFilm – अभिनेत्री मौनी रॉय ने हाल ही में अपनी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में निभाए गए किरदार को लेकर उठी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है। फिल्म में उन्होंने वरुण धवन की ऑन-स्क्रीन मां का एक विशेष और हास्यप्रधान किरदार निभाया है। इस भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, लेकिन मौनी का कहना है कि उन्होंने इन टिप्पणियों को कभी अपने काम पर हावी नहीं होने दिया।

मौनी रॉय के अनुसार, जब किसी कलाकार को कोई भूमिका दी जाती है, तो उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी निर्देशक की कल्पना को पर्दे पर सही तरीके से प्रस्तुत करना होती है। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि निर्देशक उनकी प्रस्तुति से संतुष्ट हों। दर्शकों की अलग-अलग राय स्वाभाविक है, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखा।
फिल्म को नहीं मिली उम्मीद के मुताबिक सफलता
डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में दिखाई दिए हैं। इनके अलावा जिम्मी शेरगिल, मनीष पॉल, चंकी पांडे, राकेश बेदी और मौनी रॉय भी महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आए। फिल्म को समीक्षकों से मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिलीं और बॉक्स ऑफिस पर भी इसका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा।
आलोचनाओं को लेकर नहीं थीं चिंतित
एक बातचीत के दौरान मौनी ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं थी कि लोग उनके किरदार को लेकर क्या सोच रहे हैं। उनके मुताबिक, उन्हें शुरू से पता था कि फिल्म में उनकी भूमिका किस संदर्भ में रखी गई है और कहानी में उसका क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि निर्देशक और सह-कलाकारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया उनके लिए अधिक मायने रखती थी।
मौनी का कहना है कि किसी किरदार को लेकर बाहर होने वाली चर्चाओं से अधिक जरूरी यह होता है कि कलाकार अपने काम से संतुष्ट हो और टीम को उसका प्रदर्शन पसंद आए। इसी सोच के साथ उन्होंने इस भूमिका को निभाया।
भूमिका सुनकर खुद भी हुई थीं हैरान
अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि जब पहली बार उन्हें इस किरदार के बारे में बताया गया था, तब वह भी चौंक गई थीं। उन्होंने बताया कि कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने उन्हें फोन कर इस भूमिका की जानकारी दी थी। शुरुआती प्रतिक्रिया में उन्हें भी यह विचार असामान्य लगा।
हालांकि बाद में जब उन्होंने निर्देशक डेविड धवन और लेखक फरहाद सामजी से पूरी कहानी सुनी, तो उन्हें इसके पीछे की कॉमिक सोच समझ में आई। कहानी और परिस्थितियों को जानने के बाद उन्हें यह किरदार रोचक लगा और उन्होंने इसे स्वीकार करने का निर्णय लिया।
डेविड धवन के साथ काम करना चाहती थीं
मौनी रॉय ने यह भी बताया कि वह लंबे समय से डेविड धवन की फिल्मों की प्रशंसक रही हैं। उनके अनुसार, डेविड धवन की फिल्मों की हल्की-फुल्की कॉमेडी और मनोरंजक अंदाज हमेशा दर्शकों को आकर्षित करता रहा है।
उन्होंने कहा कि इस फिल्म का हिस्सा बनने का एक बड़ा कारण यह भी था कि उन्हें पहली बार पूर्ण रूप से कॉमेडी शैली में काम करने का अवसर मिला। मौनी ने यह भी बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले उन्हें प्रचार अभियानों से दूर रखा गया था, जिससे उनके किरदार को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी रही।
किरदार को लेकर सकारात्मक रहीं अभिनेत्री
सोशल मीडिया पर चर्चा और आलोचनाओं के बावजूद मौनी रॉय का रुख पूरे समय सकारात्मक रहा। उनका मानना है कि कलाकारों को नए और अलग तरह के किरदारों से घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने इस भूमिका को एक प्रयोग और सीखने के अनुभव के रूप में देखा, जो उनके अभिनय सफर का एक अलग अध्याय बन गया।