X Grok AI Controversy: क्या ग्रोक की ‘गंदी’ तस्वीरों ने एक्स को खड़ा किया बर्बादी की कगार पर, जानें पूरी सच्चाई…
X Grok AI Controversy: सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी बेबाकी के लिए मशहूर एलन मस्क के प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाते हुए अपने एआई टूल ‘ग्रोक’ की इमेज क्रिएशन सुविधा पर ताला लगा दिया है। यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि इसके पीछे हाल ही में उपजा वह (Generative AI Misuse) विवाद है जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। दरअसल, इस पावरफुल एआई टूल का इस्तेमाल महिलाओं और मासूम बच्चों की बेहद आपत्तिजनक और फर्जी तस्वीरें बनाने के लिए किया जा रहा था, जिससे समाज में भारी आक्रोश फैल गया।

फ्री यूजर्स के लिए बंद हुए दरवाजे अब केवल प्रीमियम का सहारा
ग्रोक ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अब इमेज जनरेशन और एडिटिंग की सुविधाएं केवल उन लोगों के लिए उपलब्ध होंगी जिन्होंने (Paid Subscription Model) लिया हुआ है। इस बदलाव के बाद अब फ्री यूजर्स इस एआई टूल के जरिए किसी भी प्रकार की छवि या तस्वीर नहीं बना पाएंगे। कंपनी ने इसे एक सुरक्षा कवच के रूप में पेश किया है, ताकि एआई की असीमित क्षमताओं को बेलगाम होने से रोका जा सके और प्लेटफॉर्म की गरिमा बनी रहे।
पहचान का संकट और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स की अनिवार्य शर्त
एक्स की टीम का मानना है कि पेड सब्सक्राइबर्स पर नकेल कसना तुलनात्मक रूप से आसान है क्योंकि उनके (User Identity Verification) से जुड़ी तमाम जानकारियां कंपनी के पास सुरक्षित होती हैं। चूंकि सब्सक्रिप्शन के लिए क्रेडिट कार्ड और अन्य बैंकिंग डिटेल्स की आवश्यकता होती है, इसलिए यदि कोई व्यक्ति एआई का गलत इस्तेमाल कर आपत्तिजनक सामग्री बनाता है, तो उसे कानूनी रूप से पकड़ना आसान होगा। यह कदम गुमनाम रहकर अपराध करने वाले यूजर्स को हतोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।
विवादों के भंवर में ग्रोक आखिर क्यों मचा है इतना बवाल
पिछले कुछ हफ्तों में एक रिसर्च के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए थे कि ग्रोक का इस्तेमाल महिलाओं की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ करने और (Deepfake Image Generation) जैसी अनैतिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इतना ही नहीं, इस चैटबॉट के जरिए भयावह हिंसा और आपत्तिजनक दृश्यों को भी अंजाम दिया गया। दिसंबर के अंत में आए एक अपडेट ने इस आग में घी डालने का काम किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ऐसी विवादित तस्वीरों की बाढ़ आ गई थी।
ब्रिटेन सरकार की सीधी चेतावनी और बैन होने का गहरा डर
ग्रोक के इस विवाद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है, खासकर ब्रिटेन में जहां सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और नैतिकता से जोड़ दिया है। रिपोर्ट्स की मानें तो (UK Online Safety Act) के तहत एक्स पर भारी जुर्माना लगाने और यहाँ तक कि देश में इसे पूरी तरह बैन करने की धमकियां दी गई थीं। इसी वैश्विक दबाव और कानूनी शिकंजे के डर से एलन मस्क को अपनी नीतियों में अचानक यह बड़ा बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
प्रधानमंत्री कीर स्टारमर का सख्त रुख और अवैध सामग्री पर प्रहार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसी तस्वीरों को न केवल ‘शर्मनाक’ बल्कि पूरी तरह ‘गैरकानूनी’ करार दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि (Platform Content Moderation) में सुधार नहीं किया गया, तो सरकार सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। प्रधानमंत्री ने वहां के मीडिया रेगुलेटर ‘ऑफकॉम’ को भी सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।
ऑफकॉम की सक्रियता और सोशल मीडिया रेगुलेशन के नए मानक
ब्रिटिश रेगुलेटर ऑफकॉम अब इस मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रहा है कि क्या एक्स ने अपने यूजर्स की सुरक्षा के लिए पर्याप्त (AI Ethics and Regulation) मानकों का पालन किया है। इस कड़ाई ने दुनिया भर के अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए भी एक उदाहरण पेश किया है। अब कंपनियों को समझ आ गया है कि वे एआई के नाम पर कुछ भी परोसकर कानूनी कार्रवाई से बच नहीं सकतीं, खासकर जब बात महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की हो।
क्या सब्सक्रिप्शन मॉडल रोक पाएगा एआई का बढ़ता खतरा
हालांकि मस्क ने इस फीचर को सशुल्क (Subscription Access Control) बनाकर सुरक्षित करने की कोशिश की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पैसा लेना ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। एआई का दुरुपयोग रोकने के लिए तकनीकी स्तर पर और अधिक मजबूत फिल्टर और एथिकल गाइडिंग की जरूरत है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एक्स का यह नया सुरक्षा घेरा भविष्य में इस तरह के विवादों को रोकने में सक्षम साबित होता है या नहीं।



