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StockMarket – सेंसेक्स हल्का फिसला, निफ्टी मामूली बढ़त के साथ स्थिर बंद

StockMarket – बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला और कारोबार के अंत में दोनों प्रमुख सूचकांक अलग-अलग दिशाओं में बंद हुए। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की सतर्कता साफ दिखी, दोपहर तक बाजार में दुविधा का माहौल बना रहा और अंतिम घंटों में चुनिंदा खरीदारी के बावजूद सेंसेक्स लाल निशान में चला गया, जबकि निफ्टी सीमित दायरे में टिके रहकर हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ।

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दिनभर के कारोबार की तस्वीर

सुबह बाजार खुलते ही मिलाजुला रुख दिखा। वैश्विक संकेत कमजोर नहीं थे, फिर भी घरेलू निवेशक बड़े दांव लगाने से बचते नजर आए। पूरे सत्र में कई बार सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे और लाल दायरे के बीच झूलते रहे। कारोबार के आखिरी चरण में कुछ सेक्टर्स में मुनाफावसूली दिखी, जिससे सेंसेक्स पर दबाव बढ़ा, जबकि निफ्टी में चुनिंदा शेयरों की खरीदारी ने इसे सकारात्मक क्षेत्र में बनाए रखा। अंत में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 40.28 अंक यानी करीब 0.05 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 84,233.64 पर बंद हुआ। दूसरी ओर 50 शेयरों वाला निफ्टी 18.70 अंक यानी 0.07 प्रतिशत बढ़कर 25,953.85 पर पहुंच गया।

सेक्टोरल हलचल

बाजार के भीतर सेक्टर आधारित प्रदर्शन भी बंटा हुआ दिखा। आईटी और फार्मा शेयरों में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली, जबकि बैंकिंग और मेटल सेक्टर में कुछ दबाव रहा। एफएमसीजी शेयरों में भी सीमित हलचल रही, जिससे बाजार में कोई स्पष्ट दिशा नहीं बन सकी। ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मिला-जुला रुख दिखा, जहां कुछ स्टॉक्स में तेजी रही तो कई में बिकवाली हावी रही।

निवेशकों की सतर्कता क्यों दिखी

विश्लेषकों के अनुसार, निवेशक मौजूदा ऊंचे स्तरों पर नए निवेश से पहले कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक बाजारों के रुख का इंतजार कर रहे हैं। हाल के दिनों में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी, जिसके बाद मुनाफावसूली स्वाभाविक मानी जा रही है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों के प्रवाह और रुपये की चाल पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। इन सभी कारकों ने निवेशकों को संभलकर ट्रेड करने पर मजबूर किया।

सेंसेक्स में दवाब और निफ्टी की स्थिरता

सेंसेक्स में गिरावट बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन यह इस बात का संकेत था कि बड़े निवेशक अभी आक्रामक खरीदारी से बच रहे हैं। दूसरी ओर निफ्टी में हल्की बढ़त ने दिखाया कि बाजार पूरी तरह नकारात्मक नहीं है और चुनिंदा शेयरों में अभी भी भरोसा बना हुआ है। इससे साफ होता है कि बाजार समग्र रूप से रेंज-बाउंड मोड में है, जहां तेजी और गिरावट दोनों सीमित दायरे में रह रही हैं।

वैश्विक बाजारों का असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख बाजारों में भी दिनभर अनिश्चितता बनी रही, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा। अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों के संकेत पूरी तरह मजबूत नहीं थे, जबकि एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख दिखा। ऐसे माहौल में घरेलू निवेशकों ने बड़ा जोखिम लेने के बजाय सतर्क रणनीति अपनाई, जिससे बाजार सपाट बंद हुआ।

आगे क्या संकेत मिल रहे हैं

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत मिलते हैं और विदेशी निवेश में तेजी आती है, तो सेंसेक्स और निफ्टी फिर ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं। वहीं, अगर बाहरी दबाव बढ़ता है तो अल्पकालिक गिरावट भी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर आगामी आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है।

कुल मिलाकर बुधवार का कारोबार स्थिरता और सतर्कता का मिश्रण रहा। बड़े उतार-चढ़ाव के बिना बाजार ने संतुलन बनाए रखा, जो मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों के सावधान रुख को दर्शाता है।

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