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Rolls Royce Spectre Sales Decline: अरबपतियों के शौक में आया बड़ा बदलाव, रोल्स-रॉयस की सबसे महंगी इलेक्ट्रिक कार स्पेक्ट्र हो गई फेल…

Rolls Royce Spectre Sales Decline: लग्जरी कारों की दुनिया में जब रोल्स-रॉयस ने अपनी पहली पूर्ण इलेक्ट्रिक कार ‘स्पेक्ट्र’ को उतारा था, तो इसे ऑटोमोबाइल जगत का भविष्य माना गया था। लगभग 3.5 करोड़ रुपये की शुरुआती कीमत वाली इस (Ultra-Luxury EV Market) इलेक्ट्रिक सुपरकार को शुरुआत में दुनिया भर के अरबपतियों ने हाथों-हाथ लिया। लेकिन वर्ष 2025 के आंकड़े कुछ अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। जिस कार को लग्जरी का नया मानक माना जा रहा था, उसकी मांग में आई अचानक गिरावट ने बाजार विशेषज्ञों और कंपनी प्रबंधन दोनों को सोच में डाल दिया है।

Rolls Royce Spectre Sales Decline
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आंकड़ों की जुबानी: स्पेक्टर की गिरती साख और इंजन की वापसी

साल 2025 की पहली तीन तिमाहियों के आंकड़े रोल्स-रॉयस के लिए एक विरोधाभास लेकर आए हैं। जहाँ एक तरफ स्पेक्टर की डिलीवरी में (Electric Vehicle Demand Trends) लगभग 45 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर कंपनी की कुल बिक्री में 3.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह स्पष्ट संकेत देता है कि अमीर ग्राहक अब भी इलेक्ट्रिक की तुलना में पारंपरिक इंजनों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि शाही सवारी के शौकीन लोग केवल तकनीक नहीं, बल्कि उस रसूख और आवाज को ढूंढ रहे हैं जो पुराने इंजनों की विशेषता रही है।

वी12 इंजन का मोह छोड़ नहीं पा रहे रईस ग्राहक

रोल्स-रॉयस के सीईओ क्रिस-ब्राउनरिज ने स्वीकार किया है कि कंपनी का भविष्य भले ही बिजली से चलने वाला हो, लेकिन विरासत को छोड़ना मुमकिन नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि (V12 Engine Heritage) इंजन के प्रति ग्राहकों की दीवानगी अब भी कम नहीं हुई है और जब तक इसकी मांग रहेगी, कंपनी पारंपरिक मॉडल बनाती रहेगी। ब्राउनरिज का मानना है कि उनकी गाड़ियां ‘पहले एक रोल्स-रॉयस’ हैं और ‘ईवी’ उसके बाद आती हैं। यह दर्शन स्पष्ट करता है कि कंपनी केवल ट्रेंड के पीछे भागने के बजाय अपने ब्रांड की मूल पहचान को बचाए रखना चाहती है।

कार निर्माता से लक्जरी लाइफस्टाइल ब्रांड बनने की ओर

ईवी की मांग में आई सुस्ती के बीच रोल्स-रॉयस ने अपनी रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान (Bespoke Luxury Customization) यानी कारों के वैयक्तिकरण पर केंद्रित कर रही है। इसके लिए दुनिया भर में ‘प्राइवेट ऑफिस’ नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, जहाँ रईस ग्राहकों के साथ आमने-सामने बैठकर उनकी पसंद की बारीकियों के अनुसार कार डिजाइन की जाती है। यह दृष्टिकोण रोल्स-रॉयस को महज एक कार बनाने वाली कंपनी से ऊपर उठाकर एक लक्जरी लाइफस्टाइल ब्रांड के रूप में स्थापित कर रहा है, जहाँ हर गाड़ी एक अनूठी कलाकृति होती है।

वैश्विक नीतियों का यू-टर्न और इलेक्ट्रिक कारों पर संकट

स्पेक्ट्र की बिक्री में कमी केवल एक ब्रांड की समस्या नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर बदलते राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य का परिणाम है। पूरे यूरोप में ऑटोमेकर्स अपनी (Electric Vehicle Policy Shift) महत्वाकांक्षाओं को लेकर अब पहले जैसे उत्साहित नहीं दिख रहे हैं। 2025 तक पारंपरिक कारों पर लगने वाले कड़े प्रतिबंधों में ढील दी जा रही है। अमेरिका में भी नई सरकार के आने के बाद ईवी नीतियों में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, जिससे अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में इलेक्ट्रिक कारों के प्रति आकर्षण काफी हद तक कम हो गया है।

क्या यह केवल शुरुआती उत्साह का अंत है?

सीईओ ब्राउनरिज का तर्क है कि स्पेक्टर की बिक्री में आई गिरावट दरअसल किसी भी नए कॉन्सेप्ट का एक सामान्य हिस्सा है। उनके अनुसार, जब कोई (Early Adopter Phase) नया और क्रांतिकारी उत्पाद बाजार में आता है, तो शुरुआत में उसकी मांग बहुत ज्यादा होती है क्योंकि हर कोई उसे सबसे पहले अपनाना चाहता है। समय के साथ यह शुरुआती क्रेज शांत हो जाता है और बिक्री एक स्थिर स्तर पर आ जाती है। यह पैटर्न पहले भी कई प्रतिष्ठित मॉडल्स के साथ देखा जा चुका है, इसलिए कंपनी इसे पूरी तरह नाकामी मानने को तैयार नहीं है।

देवभूमि से लेकर दुबई तक बदल रहा है रईसों का मिजाज

लग्जरी गाड़ियों का बाजार अब तकनीक से ज्यादा ‘अनुभव’ और ‘विशिष्टता’ की ओर मुड़ रहा है। स्पेक्टर जैसी कारों के लिए (Consumer Purchase Behavior) में आया यह बदलाव बताता है कि अरबपति अब केवल पर्यावरण की चिंता में अपनी पसंदीदा ‘सवारी के अनुभव’ से समझौता नहीं करना चाहते। उन्हें वही शांति और ताकत चाहिए जो रोल्स-रॉयस के सिग्नेचर इंजनों की पहचान रही है। आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक महत्वाकांक्षाओं और क्लासिक विरासत के बीच संतुलन कैसे बनाती है।

भविष्य की रणनीति: ईवी या केवल दिखावा?

रोल्स-रॉयस भले ही भविष्य में और भी इलेक्ट्रिक मॉडल्स लाने की योजना बना रही हो, लेकिन उनकी प्राथमिकता अब बदल चुकी है। वे अब (Sustainable Luxury Innovation) को इस तरह पेश करना चाहते हैं कि वह ब्रांड की गरिमा को कम न करे। कंपनी का मानना है कि लग्जरी का मतलब केवल नई तकनीक नहीं, बल्कि ग्राहक की संतुष्टि है। यदि ग्राहक को पारंपरिक इंजन में सुकून मिलता है, तो रोल्स-रॉयस उसे वही प्रदान करेगा। यह लचीलापन ही इस शाही ब्रांड को सदियों से बाजार के शीर्ष पर बनाए हुए है।

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