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OilSmuggling – मुंबई तट के पास अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, तीन जहाज जब्त

OilSmuggling – भारतीय कोस्ट गार्ड ने समंदर में चल रहे एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। शुक्रवार को समुद्री और हवाई निगरानी के साथ किए गए संयुक्त अभियान में मुंबई के पास तीन संदिग्ध जहाजों को रोका गया, जो अवैध रूप से तेल की आवाजाही में शामिल पाए गए। शुरुआती जांच में यह मामला कई देशों तक फैले संगठित गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है।

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समुद्र और आसमान से की गई संयुक्त कार्रवाई

कोस्ट गार्ड अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान नियमित समुद्री निगरानी के दौरान शुरू हुआ, जब भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र के आसपास एक मोटर टैंकर की गतिविधियां असामान्य पाई गईं। इसके बाद हवाई निगरानी को सक्रिय किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि दो अन्य जहाज भी उसी क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। समन्वित रणनीति के तहत तीनों जहाजों को समुद्र में ही रोका गया और तलाशी की प्रक्रिया शुरू की गई।

तलाशी में सामने आया संगठित नेटवर्क

जहाजों पर पहुंची बोर्डिंग टीम ने दस्तावेजों, नेविगेशन सिस्टम और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। क्रू मेंबर्स से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिनसे यह संकेत मिला कि तेल की यह खेप वैध व्यापार का हिस्सा नहीं थी। जांच में यह भी सामने आया कि इन जहाजों के जरिए समुद्र के बीच ही तेल का ट्रांसफर किया जा रहा था, ताकि तटीय निगरानी से बचा जा सके।

कैसे काम करता था अंतरराष्ट्रीय गिरोह

अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से कम कीमत पर तेल खरीदता था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमाओं के पास मोटर टैंकरों के जरिए एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल स्थानांतरित किया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया को अलग-अलग देशों में बैठे हैंडलर नियंत्रित करते थे, जो बिक्री, ट्रांसफर और भुगतान की व्यवस्था संभालते थे। इस तरीके से भारी मुनाफा कमाया जा रहा था और कई देशों को राजस्व का नुकसान हो रहा था।

तकनीकी निगरानी से मिली अहम बढ़त

कोस्ट गार्ड द्वारा इस्तेमाल की जा रही आधुनिक निगरानी प्रणालियों ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। डिजिटल ट्रैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक डेटा विश्लेषण से यह साफ हुआ कि जहाज अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार नाम और सिग्नल बदल रहे थे। यही तरीका अक्सर अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क अपनाते हैं ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पकड़ से बाहर रह सकें।

मुंबई लाकर होगी विस्तृत जांच

तीनों जहाजों को अब मुंबई लाया जा रहा है, जहां कस्टम्स, समुद्री सुरक्षा एजेंसियां और अन्य जांच इकाइयां मिलकर आगे की कार्रवाई करेंगी। शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है कि जहाजों के स्वामित्व से जुड़े तार विदेशों तक फैले हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन का भी खुलासा हो सकता है।

तटीय सुरक्षा के लिए अहम संदेश

यह कार्रवाई न केवल तेल तस्करी के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारतीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की तस्करी से न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा पैदा होता है। कोस्ट गार्ड की यह सफलता तटीय और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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