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MutualFundFlows – जनवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेश की रफ्तार पड़ी धीमी

MutualFundFlows – जनवरी महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेश की गति में नरमी देखने को मिली है। उद्योग संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में शुद्ध निवेश 24,028 करोड़ रुपये रहा। यह दिसंबर की तुलना में करीब 14 प्रतिशत कम है, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल बाजार को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

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लगातार दूसरे महीने इक्विटी निवेश में गिरावट

यह लगातार दूसरा महीना रहा, जब इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेश घटा है। बाजार में उतार-चढ़ाव, वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक अभी जोखिम लेने से बच रहे हैं और बाजार की स्थिरता का इंतजार कर रहे हैं।

कुल परिसंपत्तियों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी

हालांकि इक्विटी फंडों में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ी, लेकिन म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल परिसंपत्तियों में वृद्धि जारी रही। जनवरी में उद्योग का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट बढ़कर 81.01 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दिसंबर में यह आंकड़ा 80.23 लाख करोड़ रुपये था। इससे साफ है कि अन्य श्रेणियों में निवेश के चलते उद्योग का आकार लगातार बढ़ रहा है।

पूरे उद्योग में मजबूत शुद्ध निवेश

एएमएफआई के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी के दौरान पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग में कुल 1.56 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। यह दिसंबर में 66,591 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी के बाद एक मजबूत वापसी मानी जा रही है। विभिन्न कैटेगरी में निवेश बढ़ने से उद्योग को यह सहारा मिला है।

हाल के महीनों में इक्विटी फंडों का रुझान

यदि पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो नवंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंडों में 29,911 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा 28,054 करोड़ रुपये रहा। जनवरी में इसमें गिरावट जरूर आई, लेकिन निवेश स्तर अक्तूबर के 24,690 करोड़ रुपये से अधिक बना रहा। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि के निवेशकों की दिलचस्पी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

किन इक्विटी योजनाओं को मिला ज्यादा समर्थन

जनवरी में इक्विटी योजनाओं के बीच फ्लेक्सी-कैप फंड निवेशकों की पहली पसंद बने रहे। इन फंडों में 7,672 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। इसके बाद मिड-कैप फंडों में 3,185 करोड़ रुपये और लार्ज एवं मिड-कैप फंडों में 3,182 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।

लार्ज-कैप और स्मॉल-कैप फंडों का हाल

लार्ज-कैप फंडों में जनवरी के दौरान 2,005 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जबकि स्मॉल-कैप फंडों में 2,942 करोड़ रुपये की आमद दर्ज की गई। हालांकि, इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम यानी ईएलएसएस फंडों में 593.69 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी देखी गई। जानकारों का मानना है कि यह निकासी मुनाफावसूली और कर से जुड़े समायोजन के कारण हो सकती है।

गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों का बढ़ा रुझान

इसी बीच गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में 24,040 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया, जो दिसंबर के 11,647 करोड़ रुपये की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर झुकते नजर आए।

डेट म्यूचुअल फंडों में भी दिखी वापसी

डेट म्यूचुअल फंडों ने भी जनवरी में जोरदार वापसी की। इस श्रेणी में 74,827 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। इससे पहले दिसंबर में डेट फंडों से करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी हुई थी। ब्याज दरों को लेकर स्थिरता की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ाया है।

आगे के महीनों को लेकर उम्मीदें

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में यदि वैश्विक हालात में स्थिरता आती है और घरेलू बाजार में भरोसा बढ़ता है, तो इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेश की रफ्तार फिर तेज हो सकती है। फिलहाल निवेशक संतुलित रणनीति के साथ आगे बढ़ते दिख रहे हैं।

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