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MarginTrading – रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा MTF, बढ़ते उधार निवेश ने बढ़ाई चिंता

MarginTrading – भारतीय शेयर बाजार में उधार लेकर निवेश करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। रेटिंग एजेंसी CareEdge की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जून महीने में Margin Trading Facility (MTF) के तहत निवेशकों का बकाया बढ़कर 1.36 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 57.6 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती लेवरेज आधारित ट्रेडिंग ऐसे समय में सामने आई है, जब नकद बाजार में कारोबार की गति अपेक्षाकृत धीमी हुई है।

कैश मार्केट की रफ्तार में आई कमी

रिपोर्ट के मुताबिक, जून के दौरान कैश मार्केट की औसत दैनिक ट्रेडिंग में 6.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यानी एक ओर निवेशक उधार लेकर अधिक मात्रा में शेयर खरीद रहे हैं, जबकि दूसरी ओर सामान्य नकद निवेश की गतिविधियों में कमी देखी गई है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि वैश्विक घटनाओं, आर्थिक अनिश्चितता या बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली के कारण बाजार में अचानक गिरावट आती है, तो अधिक लेवरेज लेने वाले निवेशकों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

क्या है Margin Trading Facility

Margin Trading Facility ऐसी व्यवस्था है, जिसमें निवेशक अपनी कुल खरीद राशि का केवल एक हिस्सा जमा करते हैं और बाकी रकम ब्रोकरेज कंपनी उपलब्ध कराती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी निवेशक को एक लाख रुपये के शेयर खरीदने हैं और उसके पास केवल 25 हजार रुपये हैं, तो शेष राशि ब्रोकर वित्तपोषित करता है। इस सुविधा से कम पूंजी में अधिक निवेश करना संभव हो जाता है, लेकिन इसके साथ वित्तीय जोखिम भी बढ़ जाता है।

उधार राशि पर देना पड़ता है ब्याज

एमटीएफ के तहत उपलब्ध कराई गई राशि मुफ्त नहीं होती। ब्रोकरेज कंपनियां इस उधार पर आमतौर पर 12 से 18 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज वसूलती हैं, जिसकी गणना दैनिक आधार पर होती है। जब तक निवेशक शेयर बेचकर पूरी बकाया राशि का भुगतान नहीं करता, तब तक ब्याज लगातार जुड़ता रहता है। ऐसे में यदि शेयर की कीमत अपेक्षित दिशा में नहीं बढ़ती, तो निवेश की लागत भी बढ़ सकती है।

बाजार गिरने पर बढ़ जाता है जोखिम

विशेषज्ञों के अनुसार, लेवरेज आधारित निवेश का सबसे बड़ा जोखिम मार्जिन कॉल होता है। यदि खरीदे गए शेयरों का मूल्य तेजी से घट जाता है, तो ब्रोकर निवेशक से अतिरिक्त धन जमा करने के लिए कह सकता है। निर्धारित समय के भीतर अतिरिक्त राशि जमा नहीं होने पर ब्रोकर नियमों के तहत निवेशक के शेयर बेचकर अपना बकाया वसूल सकता है। ऐसी स्थिति में निवेशक को पूंजी हानि के साथ ब्याज का बोझ भी उठाना पड़ सकता है।

किन निवेशकों के लिए उपयुक्त मानी जाती है यह सुविधा

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि Margin Trading Facility मुख्य रूप से अनुभवी ट्रेडर्स के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती है, जो जोखिम प्रबंधन, तकनीकी विश्लेषण और स्टॉप-लॉस जैसी रणनीतियों का प्रभावी ढंग से उपयोग करते हैं। अल्पकालिक ट्रेडिंग करने वाले और पर्याप्त अतिरिक्त नकदी रखने वाले निवेशक भी इस सुविधा का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। वहीं, नए या सीमित अनुभव वाले निवेशकों को लेवरेज आधारित निवेश से पहले जोखिम, ब्याज लागत और बाजार की अस्थिरता को अच्छी तरह समझने की सलाह दी जाती है।

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