बिज़नेस

LPGShortage – गैस आपूर्ति में कमी से होटल उद्योग चिंतित, सरकार से की ये मांग

LPGShortage – ईरान में जारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बने दबाव का असर अब भारत के कुछ बड़े शहरों में भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने के बाद कई महानगरों में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है। खासतौर पर बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नै जैसे शहरों में होटल और रेस्तरां उद्योग से जुड़े संगठनों ने गैस सप्लाई में आई कमी पर गंभीर चिंता जताई है। उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो दैनिक संचालन प्रभावित हो सकता है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने भी प्रतिक्रिया दी है और रिफाइनरी कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

अंतरराष्ट्रीय हालात का घरेलू गैस आपूर्ति पर असर

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के आसपास के क्षेत्र में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर बाधा आने से ऊर्जा आपूर्ति की वैश्विक श्रृंखला कमजोर हुई है। यही वजह है कि इसका असर धीरे-धीरे भारत के बाजारों में भी महसूस किया जा रहा है।

केंद्र सरकार ने इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए देश की सभी तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। सरकार का कहना है कि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए सप्लाई व्यवस्था को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं और उद्योगों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

गैस सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी

गैस की उपलब्धता पर दबाव के बीच हाल ही में एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में प्रति सिलेंडर लगभग 60 रुपये की वृद्धि की गई है। वहीं वाणिज्यिक उपयोग में आने वाले सिलेंडरों के दाम करीब 115 रुपये तक बढ़ाए गए हैं।

कीमतों में इस बढ़ोतरी ने होटल और रेस्तरां उद्योग की चिंता और बढ़ा दी है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि लागत बढ़ने के साथ-साथ यदि सप्लाई भी बाधित रहती है तो व्यवसाय को चलाना और अधिक मुश्किल हो सकता है। ऐसे में कई प्रतिष्ठानों को संचालन के तरीके में बदलाव करने या सीमित सेवाएं देने पर विचार करना पड़ सकता है।

बेंगलुरु में होटल उद्योग की चेतावनी

बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति इसी तरह प्रभावित रहती है तो होटल और रेस्तरां चलाना कठिन हो जाएगा। एसोसिएशन ने यह भी संकेत दिया कि सप्लाई में सुधार नहीं हुआ तो कई प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करने की स्थिति भी बन सकती है।

होटल उद्योग का कहना है कि यह केवल व्यवसाय का मामला नहीं है बल्कि बड़ी संख्या में लोग इस पर भोजन के लिए निर्भर रहते हैं। शहरों में रहने वाले छात्र, कामकाजी लोग और अस्पतालों से जुड़े कर्मचारी अक्सर होटलों और रेस्तरां से भोजन लेते हैं। यदि इस क्षेत्र की सेवाएं बाधित होती हैं तो इसका असर सीधे आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ सकता है।

उद्योग संगठनों की सरकार से अपील

होटल और रेस्तरां क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने संबंधित मंत्रालयों से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि गैस कंपनियों की ओर से पहले लगातार आपूर्ति बनाए रखने का भरोसा दिया गया था, लेकिन तय समय से पहले ही सप्लाई में रुकावट आना चिंता का विषय है।

उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि वाणिज्यिक सिलेंडरों की उपलब्धता बेहतर की जाती है तो होटल और रेस्तरां के सामने खड़ा संकट काफी हद तक कम हो सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि इस क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गैस वितरण व्यवस्था को संतुलित किया जाए।

चेन्नै में होटल कारोबार पर गहराता दबाव

चेन्नै के होटल कारोबारियों का कहना है कि शहर में स्थिति अपेक्षाकृत अधिक गंभीर दिखाई दे रही है। यहां बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां, शैक्षणिक संस्थान और व्यापारिक गतिविधियां मौजूद हैं, जिसके कारण होटल उद्योग पर भोजन और आवास की मांग अधिक रहती है।

चेन्नै होटल एसोसिएशन के अनुसार यदि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होती है तो होटलों का नियमित संचालन करना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा शादी समारोह और बड़े आयोजनों के लिए उपयोग होने वाले बैंक्वेट हॉल में भी बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडरों की जरूरत होती है। ऐसे में आयोजकों और होटल प्रबंधन दोनों के सामने आयोजन पूरा करने की चुनौती खड़ी हो सकती है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.