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IndiGo – डीजीसीए की सख्ती के बाद नई ड्यूटी व्यवस्था लागू

IndiGo – देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो ने विमानन नियामक डीजीसीए को भरोसा दिलाया है कि उसने पायलटों की ड्यूटी से जुड़े नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों का पूरी तरह पालन करने के लिए अपनी पूरी परिचालन प्रणाली को फिर से व्यवस्थित कर लिया है। 10 फरवरी को अस्थायी छूट समाप्त होने के बाद कंपनी ने अपनी रोस्टरिंग, निगरानी और क्रू-मैनेजमेंट प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव लागू किए हैं। डीजीसीए ने भी औपचारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि एयरलाइन 11 फरवरी से संशोधित नियमों के तहत ही उड़ान संचालन कर रही है।

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दिसंबर की अव्यवस्था के बाद कड़ा नियंत्रण

पिछले साल दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो के संचालन में भारी गड़बड़ी देखने को मिली थी। 3 से 5 दिसंबर के बीच 2,507 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। बाद की जांच में सामने आया कि एयरलाइन ने अपने परिचालन को जरूरत से ज्यादा अनुकूलित कर रखा था, नियामकीय तैयारियां अधूरी थीं और सिस्टम सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियां मौजूद थीं। इसके अलावा, प्रबंधन और ऑपरेशनल कंट्रोल स्ट्रक्चर में भी कमजोरियां पाई गईं, जिसने संकट को और गहरा कर दिया। इन घटनाओं के बाद डीजीसीए ने इंडिगो के विंटर शेड्यूल में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी और नए एफडीटीएल नियमों के पालन के लिए 10 फरवरी तक सीमित राहत दी।

नियामक की लगातार निगरानी

छूट अवधि के दौरान डीजीसीए ने इंडिगो के कामकाज पर कड़ी नजर रखी। नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए उड़ान संचालन का आकलन किया गया और यात्रियों की शिकायतों पर भी नजर रखी गई। कई प्रमुख हवाई अड्डों पर नियामक के अधिकारी तैनात किए गए ताकि किसी भी व्यवधान की स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप किया जा सके। इसके अलावा, इंडिगो के ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर में उड़ान संचालन निरीक्षक (एफओआई) नियुक्त किए गए, ताकि वास्तविक समय में उड़ानों की निगरानी की जा सके और नियमों का उल्लंघन होने पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

नई एफडीटीएल व्यवस्था क्या बदली

11 फरवरी से लागू संशोधित एफडीटीएल योजना मुख्य रूप से पायलटों की रात की ड्यूटी और नाइट लैंडिंग समय को लेकर ज्यादा सख्त है। पहले मिली छूट इन्हीं प्रावधानों से जुड़ी थी, लेकिन अब इंडिगो ने कहा है कि वह सभी वैधानिक नियमों का पूरी तरह पालन कर रही है। एयरलाइन ने अपने क्रू-शेड्यूल को इस तरह बदला है कि थकान प्रबंधन बेहतर हो और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो।

पायलटों की उपलब्धता अब पर्याप्त

20 जनवरी को डीजीसीए ने आधिकारिक रूप से बताया था कि इंडिगो के पास नए नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त संख्या में पायलट मौजूद हैं। कंपनी के पास 2,400 पायलट-इन-कमांड हैं, जबकि आवश्यकता 2,280 की थी। इसी तरह 2,240 फर्स्ट ऑफिसर उपलब्ध हैं, जबकि न्यूनतम जरूरत 2,050 थी। यह आंकड़ा दिखाता है कि एयरलाइन ने पिछले संकट से सीख लेते हुए अपने मानव संसाधन ढांचे को मजबूत किया है। वर्तमान में इंडिगो प्रतिदिन लगभग 2,200 उड़ानें संचालित करती है, हालांकि दिसंबर में उसका घरेलू बाजार हिस्सा 63.6 प्रतिशत से घटकर 59.6 प्रतिशत रह गया था।

जुर्माना और सख्त निर्देश

दिसंबर की घटनाओं के बाद डीजीसीए ने इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश दिया। साथ ही वरिष्ठ प्रबंधन को औपचारिक चेतावनी दी गई। नियामक ने एफडीटीएल मानदंडों की निगरानी और क्रियान्वयन में लापरवाही के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ उपाध्यक्ष को परिचालन दायित्वों से हटाने का भी निर्देश दिया। एयरलाइन को विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट सौंपने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया।

आगे का रास्ता

इंडिगो ने आश्वासन दिया है कि वह सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। कंपनी ने अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं में सुधार, तकनीकी सिस्टम अपग्रेड और क्रू मैनेजमेंट को मजबूत करने की बात कही है। डीजीसीए भी आने वाले महीनों में नियमित निरीक्षण जारी रखेगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

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