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FuelPrice – मुंबई में फिर बढ़े सीएनजी के दाम, उपभोक्ताओं पर असर

FuelPrice – पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को एक और मूल्य वृद्धि का सामना करना पड़ा है। शहर में संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) की खुदरा कीमतों में दो रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें लागू होने के बाद वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की लागत बढ़ने की संभावना है।

कंपनी की ओर से जारी संशोधित दरों के अनुसार, मुंबई में सीएनजी का खुदरा मूल्य अब 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इससे पहले यह 84 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर उपलब्ध थी।

नई दरें लागू हुईं

सीएनजी की नई कीमतें 29 मई की मध्यरात्रि से प्रभावी कर दी गई हैं। बढ़ी हुई दरों का असर निजी वाहन मालिकों के अलावा टैक्सी, ऑटो रिक्शा और अन्य व्यावसायिक वाहनों पर भी पड़ेगा, जो बड़ी संख्या में सीएनजी का उपयोग करते हैं।

कंपनी ने अपने सभी वितरण केंद्रों और डीलरों को नई कीमतें लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके बाद उपभोक्ताओं को संशोधित दरों पर ही ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।

कुछ ही दिनों में दूसरी वृद्धि

गौरतलब है कि मई महीने में यह दूसरी बार है जब सीएनजी की कीमतों में इजाफा किया गया है। इससे पहले भी इसी महीने प्रति किलोग्राम दो रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

लगातार दूसरी वृद्धि से परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की परिचालन लागत बढ़ सकती है। विशेष रूप से सार्वजनिक परिवहन और छोटे व्यवसायों पर इसका असर महसूस किया जा सकता है।

कई क्षेत्रों में होती है आपूर्ति

सीएनजी की आपूर्ति केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। यह सेवा मुंबई महानगर क्षेत्र के अलावा ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, रायगढ़, रत्नागिरी और अन्य कई शहरों तक फैली हुई है।

इस कारण कीमतों में बदलाव का प्रभाव व्यापक क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। परिवहन सेवाओं और माल ढुलाई क्षेत्र में भी लागत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

अन्य ईंधनों की कीमतों में भी बदलाव

सीएनजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल के दिनों में बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले कुछ सप्ताहों में ईंधन दरों में कई बार संशोधन किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन कीमतों में लगातार बदलाव का असर परिवहन लागत और विभिन्न सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

वैश्विक परिस्थितियों का असर

ऊर्जा बाजार में यह उतार-चढ़ाव ऐसे समय में देखने को मिल रहा है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और प्रमुख ऊर्जा मार्गों पर बढ़ी अनिश्चितता का असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से होने वाली तेल और एलएनजी आपूर्ति प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। यही वजह है कि कई देशों में ऊर्जा लागत पर दबाव देखा जा रहा है।

उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ

सीएनजी को अपेक्षाकृत किफायती और पर्यावरण अनुकूल ईंधन माना जाता है। लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों से इसके उपयोगकर्ताओं की मासिक लागत बढ़ सकती है। परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि कीमतों में वृद्धि का सिलसिला जारी रहता है तो इसका असर किरायों और परिचालन खर्चों पर भी दिखाई दे सकता है।

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