FinanceBill – लोकसभा में वित्त विधेयक 2026 पारित, कई अहम बदलाव शामिल
FinanceBill – लोकसभा में वित्त विधेयक 2026 को 32 सरकारी संशोधनों के साथ पारित कर दिया गया है। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा का जवाब देते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों और सुधारों की दिशा पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि देश में किए जा रहे सुधार किसी दबाव का परिणाम नहीं हैं, बल्कि एक स्पष्ट दृष्टिकोण और दीर्घकालिक सोच के तहत लागू किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, भारत लगातार आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ रहा है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।

सुधारों पर सरकार का जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को अधिक सशक्त और स्थिर बनाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश तेजी से सुधारों के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नीतिगत बदलाव योजनाबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं, ताकि आर्थिक विकास की गति बनी रहे और निवेश का माहौल बेहतर हो।
टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने की पहल
सीतारमण ने बताया कि सरकार का ध्यान कर प्रणाली को भरोसेमंद और पारदर्शी बनाने पर है। उन्होंने कहा कि ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक परेशानियों से बचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। टैक्स प्रशासन को सरल और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया आसान हो और लोगों का विश्वास मजबूत हो।
जरूरी दवाओं पर राहत
आम नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से 17 आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से मुक्त करने का फैसला लिया गया है। इस कदम से इन दवाओं की कीमतों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे मरीजों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना प्राथमिकता में शामिल है।
छोटे करदाताओं के लिए आसान प्रक्रिया
छोटे करदाताओं के लिए भी नियमों को सरल बनाया गया है। अब कम या शून्य टीडीएस प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए एक स्वचालित ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सरकार का उद्देश्य है कि छोटे करदाताओं को कम से कम जटिलताओं का सामना करना पड़े।
राज्यों को वित्तीय सहयोग पर जोर
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र द्वारा एकत्रित सेस और सरचार्ज से अधिक राशि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्यों को दी जा रही है। इससे राज्यों के विकास कार्यों को गति मिलती है और उन्हें आवश्यक वित्तीय समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच सहयोग से ही समग्र विकास संभव है।
एमएसएमई और कृषि क्षेत्र पर फोकस
विधेयक में एमएसएमई, कृषि और सहकारी क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। सरकार का मानना है कि ये क्षेत्र रोजगार सृजन और उत्पादन के प्रमुख आधार हैं। इन क्षेत्रों में तरलता बढ़ाने, नियमों को आसान बनाने और भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
वित्त विधेयक 2026 के पारित होने के साथ ही सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इन प्रावधानों के प्रभाव को लेकर व्यापक नजर रखी जाएगी।



