AutoIndustry – भारत में SUV की बढ़ती मांग ने बदली कार बाजार की तस्वीर
AutoIndustry – भारत का पैसेंजर व्हीकल बाजार वित्तीय वर्ष 2026 में एक नए शिखर पर पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, घरेलू स्तर पर कुल वाहन बिक्री 47 लाख से अधिक इकाइयों तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है। इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी भूमिका SUV सेगमेंट की रही, जिसने बाजार की दिशा और रफ्तार दोनों को प्रभावित किया है। बदलती उपभोक्ता पसंद और बेहतर फीचर्स की मांग ने इस बदलाव को और तेज कर दिया है।

SUV सेगमेंट बना बाजार का केंद्र
पिछले कुछ वर्षों में SUV सेगमेंट ने जिस तरह से विस्तार किया है, वह अब साफ तौर पर बाजार में दिखाई देने लगा है। हालात यह हैं कि देश में बिकने वाली हर दूसरी कार SUV श्रेणी की हो गई है। इस सेगमेंट ने दो अंकों की वृद्धि दर्ज करते हुए कुल बाजार हिस्सेदारी को भी बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में SUV की हिस्सेदारी और बढ़ सकती है, जिससे यह सेगमेंट बाजार पर और अधिक हावी हो जाएगा।
सेगमेंट के आंकड़े बदलते रुझान दिखाते हैं
अगर अलग-अलग सेगमेंट के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो SUV ने सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की है। वहीं, हैचबैक कारों की बिक्री में गिरावट देखी गई है, जो यह संकेत देती है कि एंट्री-लेवल वाहनों की मांग कमजोर पड़ रही है। दूसरी ओर, MPV और वैन श्रेणी में सीमित लेकिन स्थिर बढ़त दर्ज हुई है। सेडान सेगमेंट ने भी अच्छी वृद्धि दिखाई, हालांकि इसकी सफलता कुछ चुनिंदा मॉडलों पर अधिक निर्भर रही।
नई लॉन्चिंग और अपडेट्स से मिली रफ्तार
बाजार में लगातार नए मॉडल और अपडेटेड वर्जन आने से SUV की लोकप्रियता और बढ़ी है। कई कंपनियों ने अपने प्रमुख मॉडलों के नए संस्करण पेश किए, जिससे ग्राहकों के पास ज्यादा विकल्प उपलब्ध हुए। इसके अलावा, फेसलिफ्ट और फीचर अपग्रेड के जरिए भी कंपनियों ने ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश की, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ा।
इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में भी SUV की पकड़
इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में भी SUV का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है। कंपनियां अब इलेक्ट्रिक SUV पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं, जिससे इस श्रेणी में भी ग्राहकों की रुचि बढ़ रही है। नई तकनीक और बेहतर रेंज वाले मॉडल्स ने इस सेगमेंट को और मजबूत किया है, जिससे भविष्य में इसके और विस्तार की संभावना जताई जा रही है।
टॉप सेलिंग कारों में SUV का दबदबा
बेस्ट-सेलिंग कारों की सूची पर नजर डालें तो SUV का प्रभाव साफ दिखाई देता है। शीर्ष स्थानों पर कई SUV मॉडल शामिल हैं, हालांकि कुछ सेडान कारें भी अपनी जगह बनाए रखने में सफल रही हैं। यह दिखाता है कि बाजार पूरी तरह एकतरफा नहीं हुआ है, लेकिन SUV का प्रभाव सबसे ज्यादा है।
हैचबैक सेगमेंट क्यों हुआ कमजोर
हैचबैक कारों की गिरती बिक्री के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। बढ़ती कीमतें, सीमित फीचर्स और ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताएं इस गिरावट के प्रमुख कारण हैं। अब खरीदार थोड़ा ज्यादा खर्च कर बेहतर फीचर्स और स्पेस वाली SUV को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे हैचबैक की मांग प्रभावित हुई है।
आने वाले समय में क्या रहेगा रुझान
मौजूदा संकेत बताते हैं कि SUV सेगमेंट की पकड़ निकट भविष्य में और मजबूत हो सकती है। कंपनियां लगातार नए मॉडल लॉन्च कर रही हैं और तकनीकी रूप से बेहतर विकल्प पेश कर रही हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि भारतीय कार बाजार में SUV का दौर अभी और लंबा चलने वाला है



