RoadAccident – जहानाबाद में पुलिस वाहन की चपेट में बच्ची की मौत
RoadAccident – बिहार के जहानाबाद जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। परस बीघा थाना क्षेत्र के पहाड़ी बीघा गांव में सड़क पार कर रही चार साल की मासूम बच्ची पुलिस वाहन की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही गंभीर हालत हो गई। बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची गया जिले के अमझर गांव की रहने वाली थी और इन दिनों अपनी मां के साथ ननिहाल आई हुई थी।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे के तुरंत बाद परिजन बच्ची को इलाज के लिए शकूराबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। परिजन और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया सड़क जाम
घटना से नाराज ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने सड़क पर लकड़ी और ठेले लगाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम के दौरान मारपीट की घटना भी आई सामने
प्रदर्शन के दौरान स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच एक मोटरसाइकिल से गुजर रहे तीन युवकों को ग्रामीणों ने रोक लिया और उनके साथ मारपीट की। इस घटना में पिंकू कुमार, खुशी कुमार और मंजन कुमार घायल हो गए। सभी युवक शकूराबाद थाना क्षेत्र के सावन बीघा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। बाद में उन्हें इलाज के लिए भेजा गया।
पुराने मामलों को लेकर भी जताई नाराजगी
ग्रामीणों ने इस घटना के साथ-साथ पुराने मामलों को भी उठाया। उनका कहना था कि करीब एक वर्ष पहले बसंतपुर के पास एक सड़क दुर्घटना में महिला की मौत हुई थी, लेकिन अब तक उसके परिवार को मुआवजा नहीं मिला। इसी कारण लोगों में प्रशासन के प्रति असंतोष भी देखने को मिला।
पुलिस टीम पहुंची, हालात संभालने का प्रयास
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। एएसपी मनोज पांडे, डीएसपी मनीष चंद्र चौधरी, डीएसपी संजीव कुमार और एसडीएम सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले सिकरिया थाना की पुलिस पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की।
उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन को पहुंचाया नुकसान
इस दौरान कुछ लोगों ने गुस्से में आकर पुलिस वाहन पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों से वाहन के पीछे का शीशा तोड़ दिया गया और बोनट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हालांकि, पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को और बिगड़ने से रोका और वाहन को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
समझाने के बाद खुला जाम, जांच जारी
काफी देर तक बातचीत और मुआवजे के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और सड़क से जाम हटाया गया, जिससे यातायात फिर से सामान्य हो सका। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। साथ ही, पुलिस वाहन पर हुए हमले में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।