Land For Job Case Court Hearing Updates: कोर्ट की दहलीज पर टकराईं लालू के बेटों की निगाहें, बिना बोले ही कह गए बहुत कुछ…
Land For Job Case Court Hearing Updates: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में जब लैंड फॉर जॉब मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही थी, तब सबकी निगाहें लालू परिवार के सदस्यों पर टिकी थीं। कोर्ट परिसर के भीतर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव (Family Political Dynamics India) की मौजूदगी ने माहौल को और भी गंभीर बना दिया। वर्षों से एक-दूसरे के साथ खड़े रहने वाले दोनों भाइयों का आमना-सामना तो हुआ, लेकिन उनके बीच शब्दों का कोई आदान-प्रदान नहीं हुआ। यह खामोशी वहां मौजूद वकीलों और सुरक्षाकर्मियों के बीच फुसफुसाहट और चर्चा का बड़ा केंद्र बन गई।

लिफ्ट के बाहर मीसा भारती और तेज प्रताप का आमना-सामना
सिर्फ भाई ही नहीं, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों के बीच भी संवादहीनता की स्थिति देखने को मिली। जब तेजस्वी यादव अपनी बहन मीसा भारती के साथ लिफ्ट से बाहर निकल रहे थे, ठीक उसी वक्त (Land For Job Case Court Hearing Updates ) का एक और नजारा दिखा जब तेज प्रताप यादव उनके सामने आ गए। लिफ्ट के दरवाजे के पास हुए इस संक्षिप्त टकराव में भी भाई-बहन के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। तेजस्वी और मीसा एक तरफ निकल गए, जबकि तेज प्रताप अपनी दिशा में बढ़ गए, जिससे परिवार के भीतर चल रहे कथित मनमुटाव की अटकलों को हवा मिली।
कोर्ट की कार्यवाही और करीबियों की मौजूदगी
सुनवाई के दौरान तेजस्वी यादव अकेले नहीं थे, बल्कि उनके साथ पार्टी के वफादार और करीबी सहयोगी संजय यादव और भोला यादव भी मौजूद रहे। पूरी कानूनी (Judicial Proceedings Management) के दौरान लालू परिवार के ये सदस्य एक ही छत के नीचे घंटों तक रहे, लेकिन आपस में दूरी बनाए रखी। कोर्ट रूम के भीतर का माहौल पूरी तरह से औपचारिक और बेहद शांत बना रहा, जहां ध्यान केवल कानूनी बारीकियों और लैंड फॉर जॉब घोटाले से जुड़े आरोपों पर केंद्रित था।
मीसा भारती के घर पहुंची परिवार की ‘दूसरी तस्वीर’
अक्सर विवादों और चर्चाओं में रहने वाले तेज प्रताप यादव ने कोर्ट की चुप्पी को घर की दहलीज पर तोड़ दिया। कोर्ट की कार्यवाही समाप्त होने के बाद तेज प्रताप सीधे दिल्ली स्थित मीसा भारती के आवास पर पहुंचे, जहां (Lalu Prasad Yadav Health News) और उनके पिता आराम कर रहे थे। यहां का नजारा कोर्ट परिसर से बिल्कुल उलट था। तेज प्रताप ने न केवल अपने पिता से मुलाकात की, बल्कि उनके साथ काफी समय भी बिताया, जिससे यह संकेत मिला कि सार्वजनिक और निजी व्यवहार में परिवार ने एक बारीक रेखा खींच रखी है।
दही-चूड़ा भोज का न्योता और पिता का आशीर्वाद
मीसा भारती के घर हुई इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य काफी भावनात्मक और पारंपरिक था। तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव के पैर छुए और उन्हें (Traditional Indian Festivals) के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले ‘दही-चूड़ा भोज’ के लिए ससम्मान आमंत्रित किया। पिता और पुत्र के बीच हुई इस आत्मीय बातचीत ने उन चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की, जो कोर्ट में उनके ठंडे व्यवहार के बाद शुरू हुई थीं। हालांकि, तेजस्वी के साथ उनकी दूरी अब भी एक अनसुलझा सवाल बनी हुई है।
राजनीतिक गलियारों में ‘लैंड फॉर जॉब’ का असर
यह मामला सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि लालू परिवार की साख और एकजुटता की परीक्षा भी है। जैसे-जैसे कोर्ट की तारीखें आगे बढ़ रही हैं, परिवार की (Political Reputation and Legal Battles) पर इसके गहरे प्रभाव पड़ रहे हैं। कोर्ट में भाइयों का एक-दूसरे को अनदेखा करना और फिर घर पर पिता से मिलना, एक ऐसी पहेली पेश करता है जिसे राजनीति के जानकार अपने-अपने तरीके से सुलझा रहे हैं। 4 दिसंबर की तारीख अब इस केस के साथ-साथ परिवार के भविष्य के लिए भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



