India Nepal Border Arrest 2026: आधी रात को मैत्री ब्रिज पर दबोचे गए तीन बांग्लादेशी, बड़ी साजिश की आशंका
India Nepal Border Arrest 2026: भारत और नेपाल की सीमाओं पर जब दुनिया नए साल के स्वागत की तैयारियों में डूबी थी, तब रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी घुसपैठ को नाकाम कर दिया। 31 दिसंबर 2025 की रात करीब नौ बजे, जब घना कोहरा और ठंड अपने चरम पर थी, एसएसबी के सतर्क जवानों ने मैत्री ब्रिज पर संदिग्ध हलचल देखी। इस (Border Surveillance) के दौरान चार व्यक्तियों को रोका गया जो नेपाल की ओर से भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। जवानों की मुस्तैदी ने न केवल अवैध घुसपैठ को रोका, बल्कि सीमा सुरक्षा पर मंडरा रहे एक संभावित खतरे को भी समय रहते टाल दिया।

मैत्री ब्रिज पर पकड़े गए घुसपैठियों का सनसनीखेज खुलासा
एसएसबी जवानों ने जब संदिग्धों को रोककर प्रारंभिक पूछताछ शुरू की, तो उनके जवाबों में काफी विरोधाभास नजर आया। गहन जांच और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पकड़े गए लोगों में से तीन नागरिक बांग्लादेश के रहने वाले हैं। इन (Illegal Immigrants) के पास भारत में प्रवेश करने के लिए कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं था। वे नेपाल के रास्ते चोरी-छिपे भारतीय सरजमीं पर कदम रखने की फिराक में थे। इस खुलासे के बाद सीमा पर तैनात सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं।
मास्टरमाइंड भारतीय गाइड सरफराज अंसारी की गिरफ्तारी
इस पूरे घुसपैठ कांड में सबसे चौंकाने वाली भूमिका एक भारतीय नागरिक की रही, जो इन विदेशी नागरिकों का ‘हैंडलर’ बनकर काम कर रहा था। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान पश्चिमी चंपारण के निवासी सरफराज अंसारी के रूप में हुई है। वह पिछले काफी समय से (Human Trafficking) की तर्ज पर नेपाल में रहकर सिलाई का काम करने के बहाने घुसपैठियों की मदद कर रहा था। जांच में पता चला कि सरफराज ने ही इन बांग्लादेशी नागरिकों को नेपाल में अपने पास शरण दी और उन्हें अवैध रूप से बॉर्डर पार कराने का जिम्मा उठाया था।
टूरिस्ट वीजा की आड़ में रची गई खतरनाक साजिश
गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान शाहीनूर रहमान, मो. सोबुज और मो. फिरोज के रूप में की गई है। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि ये तीनों पहले टूरिस्ट वीजा पर कानूनी तरीके से बांग्लादेश से नेपाल पहुंचे थे। वहां कुछ दिन रुकने और (Visa Misuse) करने के बाद उन्होंने भारतीय सीमा में घुसने का प्लान बनाया। सरफराज अंसारी के संपर्क में आने के बाद उन्हें लगा कि वे आसानी से सुरक्षा घेरे को चकमा दे देंगे, लेकिन मैत्री ब्रिज पर तैनात एसएसबी की 47वीं वाहिनी के जवानों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
शाहीनूर रहमान के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता
पकड़े गए घुसपैठियों में से शाहीनूर रहमान का प्रोफाइल सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे अधिक चिंता का विषय बना हुआ है। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि वह पहले श्रीलंका और मिस्र समेत कई अन्य देशों की यात्रा कर चुका है। उसके इस (International Travel History) के खुलासे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह केवल रोजगार की तलाश में की गई घुसपैठ है या इसके पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट या आतंकी मॉड्यूल का हाथ है जो भारत की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करना चाहता है।
हरैया थाना पुलिस को सौंपे गए चारों आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ और दस्तावेजी कार्यवाही पूरी करने के बाद एसएसबी ने तीनों बांग्लादेशी नागरिकों और उनके भारतीय मददगार को स्थानीय हरैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने (Judicial Process) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब उन्हें कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरफराज अंसारी के मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य संपर्कों की भी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कितने लोगों को इस तरह अवैध रूप से सीमा पार कराई है।
सुरक्षा एजेंसियों का ‘ऑपरेशन अलर्ट’ और सघन जांच
इस गिरफ्तारी के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। रक्सौल से लेकर जोगबनी तक के तमाम संवेदनशील पॉइंट पर (Intelligence Gathering) तेज कर दी गई है। एजेंसियों को अंदेशा है कि नए साल और गणतंत्र दिवस के आसपास ऐसी और भी कोशिशें हो सकती हैं। सीमावर्ती गांवों में भी संदिग्धों पर नजर रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया गया है। पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि भारत में उनका अगला पड़ाव कहां था और उन्हें यहां कौन संरक्षण देने वाला था।
सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ता अवैध गतिविधियों का खतरा
रक्सौल बॉर्डर लंबे समय से तस्करों और घुसपैठियों के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है, लेकिन हालिया घटनाओं ने सुरक्षा मापदंडों को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता पैदा कर दी है। (National Security) को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन अब बॉर्डर पर फेंसिंग और सीसीटीवी निगरानी को और अधिक आधुनिक बनाने पर विचार कर रहा है। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को पनाह न दें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या एसएसबी कैंप में दें ताकि देश की सीमाओं को अभेद्य बनाया जा सके।



