ElectricShock – जमुई में लटकते तार की चपेट में आकर बच्चे की मौत
ElectricShock – बिहार के जमुई जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। लक्ष्मीपुर प्रखंड के धरवा गांव में 12 वर्षीय सौरभ कुमार की करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वह रोज की तरह घर से खेत की ओर जा रहा था। अचानक सामने आए इस हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।

खेत जाते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, सौरभ सुबह खेत की तरफ निकला था। रास्ते में जमीन से कुछ ही ऊंचाई पर लटक रहा बिजली का तार उसकी पहुंच में आ गया। उस तार में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों के मुताबिक, करंट इतना तेज था कि मौके पर ही उसकी जान चली गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पास में रखी गेहूं की पराली भी आग की चपेट में आ गई।
घटना के बाद मची अफरा-तफरी
जैसे ही घटना की जानकारी ग्रामीणों को मिली, लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में पूरे गांव में यह खबर फैल गई और माहौल बेहद गमगीन हो गया। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, जिसके आधार पर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बिजली विभाग पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने इस घटना के लिए बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि संबंधित तार पिछले कई दिनों से नीचे लटक रहा था और इसकी शिकायत भी की गई थी। बावजूद इसके समय पर कोई सुधार नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो इस तरह की दुखद घटना टाली जा सकती थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक सौरभ अपने परिवार का इकलौता सहारा बताया जा रहा है। उसकी असमय मौत से घर में मातम पसरा हुआ है और परिजन गहरे सदमे में हैं। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर ऐसी लापरवाही क्यों हुई।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत से इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल, प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।