BiharPolitics – राज्यसभा नामांकन के बाद जदयू-भाजपा में बढ़ा तनाव, बैठकों का दौर चालू
BiharPolitics – बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा से जुड़े निर्णय के बाद हलचल तेज हो गई है। पिछले लगभग डेढ़ दिन से जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। इस घटनाक्रम ने सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों प्रमुख दलों, जदयू और भारतीय जनता पार्टी, के बीच असहज स्थिति पैदा कर दी है। जदयू के कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताते हुए इसे जनादेश के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है।

बताया जा रहा है कि हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी के विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई है। सभी जनप्रतिनिधियों को शाम पांच बजे मुख्यमंत्री आवास पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
गठबंधन के भीतर बढ़ी राजनीतिक हलचल
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि हाल की घटनाओं के बाद गठबंधन के भीतर कई स्तरों पर बातचीत जारी है। बताया जा रहा है कि केंद्र और राज्य के वरिष्ठ नेताओं के बीच भी इस विषय पर विचार-विमर्श हुआ है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी दिनों में सरकार की संरचना को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई बैठकों में कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, जबकि कुछ विषयों पर बातचीत जारी है। केंद्रीय स्तर पर भी वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा हुई है ताकि गठबंधन के भीतर संतुलन बनाए रखा जा सके।
मंत्रिमंडल के आकार और हिस्सेदारी पर चर्चा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, संभावित नई व्यवस्था में मंत्रियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। चर्चा है कि मंत्रिमंडल का आकार बढ़ाकर करीब 33 तक किया जा सकता है। इसमें भाजपा और जदयू दोनों दलों के मंत्रियों की संख्या लगभग बराबर रखने का प्रस्ताव सामने आया है।
बताया जा रहा है कि दोनों दलों के लगभग 14-14 मंत्री हो सकते हैं। इसके अलावा सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व देने पर विचार चल रहा है। चिराग पासवान की पार्टी से तीन मंत्रियों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जबकि उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टियों से पहले की तरह एक-एक मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।
उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी मंथन
गठबंधन के भीतर उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी चर्चा जारी है। जदयू के कुछ वरिष्ठ नेताओं के नाम इस पद के लिए सामने आए हैं। राजनीतिक हलकों में निशांत कुमार और विजय चौधरी के नाम की चर्चा हो रही है। विजय चौधरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है और पार्टी के भीतर उनका अनुभव भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, इस विषय पर आधिकारिक रूप से किसी नाम की घोषणा नहीं की गई है। पार्टी के भीतर बातचीत जारी है और अंतिम निर्णय नेतृत्व स्तर पर लिया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष पद पर मतभेद की चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष के पद को लेकर भी दोनों दलों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। जदयू के कुछ नेता इस पद को अपने पक्ष में देखना चाहते हैं, जबकि भाजपा इसे अपने पास बनाए रखने के पक्ष में बताई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि वर्तमान अध्यक्ष प्रेम कुमार को पहले ही अपना कार्यकाल पूरा करने का आश्वासन दिया जा चुका है। ऐसे में भाजपा इस पद में किसी बदलाव के पक्ष में नहीं दिखाई दे रही है। इस मुद्दे पर भी अंतिम निर्णय आपसी सहमति से ही होने की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अटकलें
बिहार की राजनीति में सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि आगे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसके पास होगी। राजनीतिक गलियारों में कई नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। भाजपा के कुछ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं, जिनमें सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और नित्यानंद राय का उल्लेख किया जा रहा है।
कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि भाजपा कभी-कभी अप्रत्याशित निर्णय भी लेती रही है, इसलिए किसी नए चेहरे के सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, फिलहाल इन चर्चाओं पर किसी भी दल की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में बैठकों और बातचीत के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल बिहार की राजनीति में गठबंधन की रणनीति और सरकार की संभावित संरचना को लेकर चर्चाएं तेज हैं।



