बिहार

Bhagalpur Domestic Violence Case: कोर्ट मुंशी पर पत्नी को तेजाब पिलाकर मारने की कोशिश का आरोप

Bhagalpur Domestic Violence Case: बिहार के भागलपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक पति ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। लोदीपुर थाना क्षेत्र के तहबलपुर गांव में एक मुंशी पर अपनी ही पत्नी को जबरन एसिड पिलाकर जान से मारने का प्रयास करने का संगीन आरोप लगा है। इस अमानवीय (Criminal Assault Investigation) के केंद्र में मोहम्मद जलाल नामक व्यक्ति है, जो पेशे से कोर्ट में मुंशी है। पीड़िता रुखसाना खातून को अत्यंत गंभीर स्थिति में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

Bhagalpur Domestic Violence Case
Bhagalpur Domestic Violence Case

दस साल का उत्पीड़न और बेटियों के जन्म पर प्रताड़ना

रुखसाना की शादी करीब 10 साल पहले मोहम्मद जलाल के साथ हुई थी, लेकिन निकाह के बाद से ही खुशियों के बजाय उसे सिर्फ दर्द मिला। पीड़िता की मां ने भावुक होते हुए बताया कि शादी के शुरुआती दिनों से ही ससुराल वाले उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। रुखसाना ने तीन बच्चों को जन्म दिया, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा है, लेकिन (Gender Based Discrimination) की मानसिकता के चलते जलाल अक्सर बेटियों के जन्म पर ताने मारता था। आरोप है कि वह इतना निर्दयी हो चुका था कि अपनी एक दुधमुंही बच्ची को बेचने या उसे जान से मार देने की धमकी तक देता था, जिसका विरोध करने पर रुखसाना को यह खौफनाक सजा दी गई।

मासूम बेटी बनी चश्मदीद: पिता की हैवानियत का खुलासा

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़िता की 10 वर्षीय मासूम बेटी ने अपनी आंखों देखी दास्तां बयां की। बच्ची ने रोते हुए बताया कि उसके पिता, चाचा और दादा ने मिलकर उसकी मां को दबोच लिया और जबरन मुंह में तेजाब डाल दिया। इस (Victim Child Statement) ने यह साफ कर दिया कि यह केवल एक व्यक्ति का गुस्सा नहीं बल्कि पूरे परिवार की मिलीभगत थी। मां को तड़पता देख बच्ची भागकर अपने ननिहाल पहुंची, जो उसी मोहल्ले में स्थित है, और अपने मामा व नानी को पूरी बात बताई। इसके बाद ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और रुखसाना को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जा सके।

पद का रौब और पुलिस की सुस्त कार्रवाई पर सवाल

पीड़िता के परिजनों का कहना है कि मोहम्मद जलाल भागलपुर कोर्ट में मुंशी होने के कारण कानून की बारीकियों को जानता है और इसी पद का रौब दिखाकर वह रुखसाना को केस उठाने के लिए धमकाता रहता था। शुक्रवार दोपहर को परिजनों ने मीडिया से बात करते हुए पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि (Law Enforcement Accountability) के दावों के बावजूद लोदीपुर थाना पुलिस ने सूचना मिलने के बाद भी अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। मुंशी के रसूख के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है, जबकि पीड़िता जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।

अस्पताल से रेफर और आगे की कानूनी लड़ाई

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के डॉक्टरों के अनुसार, एसिड पीने की वजह से रुखसाना के आंतरिक अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिसके कारण उसे (Critical Patient Transfer) की प्रक्रिया के तहत बाहर भेजा गया है। मायके पक्ष के लोग अब इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं और उनकी मांग है कि आरोपी पति और उसके सहयोगियों पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ बने कानूनों के क्रियान्वयन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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