Women Safety Issues: सरस्वती पूजा पंडाल में सिपाही की पत्नी से हुई बदसलूकी
Women Safety Issues: बिहार के मोतिहारी जिले से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने एक पुलिसकर्मी के परिवार को ही अपना निशाना बना लिया। छतौनी थाना क्षेत्र के छोटा बरियारपुर मोहल्ला में शुक्रवार को सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर भक्ति के माहौल के बीच बदमाशों ने एक सिपाही की पत्नी के साथ सरेआम छेड़छाड़ और अभद्रता की। इस (Local Crime Incident) ने स्थानीय प्रशासन और आम जनता के बीच सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। जब एक रक्षक का परिवार ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पूजा पंडाल में बदसलूकी और सिपाही के साथ मारपीट
पीड़ित महिला ने पुलिस को दिए अपने आवेदन में बताया कि वह शुक्रवार को बरियारपुर स्थित एक सरस्वती पूजा पंडाल में माता की आराधना करने गई थी। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ बदमाशों ने उसके साथ अश्लील हरकतें और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब सिपाही पति ने अपनी पत्नी के सम्मान की रक्षा के लिए (Physical Assault Conflict) का विरोध किया, तो आरोपी उन दोनों के साथ मारपीट करने पर उतारू हो गए। किसी तरह वहां से बचकर दोनों अपने किराए के मकान में पहुंचे, लेकिन बदमाशों का तांडव यहीं खत्म नहीं हुआ।
घर में घुसकर लूटपाट और जान से मारने की कोशिश
घटना के कुछ घंटों बाद, देर रात बदमाशों ने सिपाही के घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने जबरन दरवाजा खुलवाया और घर के अंदर दाखिल होकर लूटपाट शुरू कर दी। उन्होंने अलमारी में रखे 50 हजार रुपये नकद लूट लिए और सिपाही को छत से नीचे फेंकने की कोशिश की। इस (Criminal Home Invasion) के दौरान अपराधियों ने सिपाही का मोबाइल फोन भी छीन लिया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़ित परिवार इस घटना के बाद से गहरे सदमे और दहशत में है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच का आश्वासन
इस संगीन मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। छतौनी थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने मीडिया को जानकारी दी है कि पीड़ित महिला की ओर से आवेदन प्राप्त हो गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि (Legal Action Investigation) के तहत जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि बदमाशों के भागने के रास्ते और उनकी पहचान की पुष्टि की जा सके।
बिहार में बढ़ते अपराध और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
इस घटना ने बिहार में बढ़ते अपराध ग्राफ और विशेषकर महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर विपक्षी दलों को भी बोलने का मौका दे दिया है। एक सिपाही, जिसकी जिम्मेदारी समाज की रक्षा करना है, अगर वह खुद अपने घर के भीतर सुरक्षित नहीं है, तो यह (Law and Order Situation) की विफलता को दर्शाता है। मोतिहारी के लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है और वे आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर लगाम लगाई जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता
सरस्वती पूजा और अन्य त्योहारों के दौरान पंडालों में भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे में पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती अनिवार्य होती है। इस वारदात ने यह साबित कर दिया है कि (Public Safety Measures) में कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है। प्रशासन को चाहिए कि वह भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाए और महिला सुरक्षा के लिए विशेष गश्ती दल का गठन करे। मोतिहारी पुलिस ने दावा किया है कि इस मामले में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।



