VoterList – विशेष पुनरीक्षण में 2.80 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची में बरकरार
VoterList – उत्तर प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं को राहत मिली है। जिन लोगों को अपने नाम और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए थे, उनमें से अधिकांश की सुनवाई पूरी होने के बाद उनके नाम मतदाता सूची में यथावत रखने का निर्णय लिया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार दस्तावेजों की जांच के बाद करीब 2.80 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड सही पाए गए हैं, जिससे वे मतदाता सूची में बने रहेंगे।

राज्य में कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को सत्यापन के लिए नोटिस भेजने की योजना बनाई गई थी। अब तक लगभग 3.08 करोड़ लोगों तक नोटिस पहुंचाए जा चुके हैं। इनमें से करीब 86 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है और आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने के बाद उनके नाम सूची से हटाने की जरूरत नहीं पड़ी।
दस्तावेज सत्यापन के बाद बरकरार रहे अधिकांश नाम
चुनाव विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। सुनवाई के दौरान मतदाताओं द्वारा पहचान और निवास से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किए गए। दस्तावेजों की जांच के बाद बड़ी संख्या में मामलों को सही पाया गया।
इसी आधार पर लगभग 2.80 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
फॉर्म-7 के माध्यम से हटाए गए हजारों नाम
इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुछ मामलों में मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई भी की गई है। फॉर्म-7 के माध्यम से कुल 44,952 नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें कई कारण सामने आए हैं, जिनमें निवास स्थान बदलना, स्वयं नाम हटाने का आवेदन देना या किसी अन्य व्यक्ति की आपत्ति शामिल है।
आंकड़ों के अनुसार 27,118 लोगों के नाम एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण के कारण हटाए गए। वहीं 10,014 मतदाताओं ने स्वयं आवेदन देकर अपना नाम सूची से हटवाया। इसके अलावा 7,820 मामलों में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा की गई आपत्ति के आधार पर जांच के बाद नाम हटाने का निर्णय लिया गया। इनमें से 5,153 मामलों में संबंधित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के कारण भी नाम सूची से हटाए गए।
अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी होगी
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जा रही है। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक निर्धारित की गई थी। इसके बाद 27 मार्च तक इन दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। चुनाव विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जिन लोगों को नोटिस प्राप्त हुआ है, वे समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपनी बात रखें। इससे मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
नाम जोड़ने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। चुनाव विभाग के अनुसार अब तक 86 लाख से अधिक लोगों ने मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 जमा किया है।
इसी अवधि में तीन लाख से अधिक लोगों ने विभिन्न कारणों से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 भरा है। पिछले 24 घंटों में भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। इस दौरान 1.66 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरकर नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया, जबकि 7,329 लोगों ने अपना नाम हटाने का अनुरोध किया।
ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद के आंकड़े
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार 6 जनवरी को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद से 6 मार्च तक कुल 70,69,810 लोगों ने फॉर्म-6 के माध्यम से नाम शामिल करने के लिए आवेदन किया। इसके अतिरिक्त 2,642 लोगों ने फॉर्म-6 (ए) के जरिए आवेदन जमा किया।
इसी अवधि के दौरान 2,68,682 लोगों ने फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची से अपना नाम हटाने का अनुरोध किया। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी आवेदनों की जांच और सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है, ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन और विश्वसनीय हो सके।



