उत्तराखण्ड

CharDhamYatra – यात्रा प्रबंधन को लेकर प्रशासन की विस्तृत तैयारी

CharDhamYatra – चारधाम यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस, परिवहन, पर्यटन और नगर निकाय के अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, पंजीकरण व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया।

ऋषिकुल मैदान में बनेगा अस्थायी पंजीकरण केंद्र

हर वर्ष की तरह इस बार भी चारधाम यात्रियों के पंजीकरण की व्यवस्था ऋषिकुल मैदान में की जाएगी। यहां जर्मन हैंगर तकनीक से टेंट स्थापित कर अस्थायी पंजीकरण केंद्र बनाया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, इस केंद्र में कुल 20 काउंटर संचालित होंगे, जहां सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक पंजीकरण प्रक्रिया जारी रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी काउंटरों पर पर्याप्त स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि यात्रियों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।

पर्यटन विकास अधिकारी ने जानकारी दी कि पंजीकरण स्थल पर पंखे, पेयजल, बिजली, शौचालय और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

हेल्प डेस्क और वाहन संबंधी सुविधाओं पर जोर

चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों से जुड़े दस्तावेज जैसे ट्रिप कार्ड और ग्रीन कार्ड बनवाने में यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ऋषिकुल मैदान में परिवहन विभाग की ओर से हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। जिलाधिकारी ने संभागीय परिवहन अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि वाहन संबंधी शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए।

इसके साथ ही, संभावित भीड़ को देखते हुए होल्डिंग एरिया चिह्नित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सप्ताहांत या विशेष अवसरों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की स्थिति में धर्मशालाओं और आश्रमों को अस्थायी ठहराव स्थल के रूप में चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि भीड़ बढ़ने पर यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

सफाई और मोबाइल शौचालय की व्यवस्था

नगर निगम को पंजीकरण केंद्र और होल्डिंग एरिया में स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रा अवधि के दौरान प्रतिदिन नियमित सफाई होनी चाहिए। इसके लिए पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्वच्छता बनी रहे।

स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा उपाय

यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए पंजीकरण स्थल पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया है कि मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था भी स्थल पर रहेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

होटलों और बस सेवाओं को लेकर निर्देश

जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि शहर के होटलों और रेस्टोरेंट में गैस सिलेंडर के स्थान पर गैस पाइपलाइन के उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया जाए। इसका उद्देश्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करना है।

इसके अतिरिक्त, बस अड्डों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बदरीनाथ और केदारनाथ मार्ग पर बसों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। नगर प्रशासन और परिवहन विभाग को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान आवागमन सुचारु बना रहे।

प्रशासन की तैयारी पर नजर

चारधाम यात्रा हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। ऐसे में जिला प्रशासन का फोकस इस बार भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं के संतुलन पर है। अधिकारियों का कहना है कि सभी विभाग मिलकर समन्वित तरीके से काम करेंगे, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

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