RoadAccident – तोताघाटी में बोल्डर गिरने से ट्रक चालक की मौत
RoadAccident – ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोताघाटी के पास सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब पहाड़ी से गिरे भारी बोल्डर की चपेट में आकर एक ट्रक चालक की जान चली गई। हादसा उस समय हुआ, जब ट्रक ऋषिकेश से सीमेंट लादकर श्रीनगर की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक पहाड़ी से पत्थरों की बारिश शुरू हो गई और कुछ ही क्षणों में एक विशाल चट्टान सीधे ट्रक के केबिन पर आ गिरी। चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

अचानक गिरे पत्थरों ने ली जान
जानकारी के मुताबिक ट्रक जैसे ही तोताघाटी के संवेदनशील हिस्से में पहुंचा, ऊपर से छोटे-बड़े पत्थर गिरने लगे। देखते ही देखते एक बड़ा बोल्डर केबिन को तोड़ता हुआ भीतर जा घुसा और चालक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक चालक की मृत्यु हो चुकी थी।
चार घंटे तक बंद रहा राष्ट्रीय राजमार्ग
हादसे के बाद राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। सड़क पर मलबा और भारी पत्थर फैल जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को आंशिक रूप से बहाल किया जा सका। सुबह तक सड़क को पूरी तरह साफ कर यातायात सामान्य कर दिया गया।
राहत दल ने निकाला शव
राहत और बचाव दल को चालक तक पहुंचने में काफी कठिनाई हुई, क्योंकि बोल्डर ट्रक के केबिन में फंसा हुआ था। काफी प्रयास के बाद चट्टान को हटाया गया और चालक के शव को बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान मुरारी लाल (55 वर्ष), निवासी पुदियानी, कर्णप्रयाग, जिला चमोली के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवप्रयाग भेज दिया है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
तोताघाटी पहले भी रहा है संवेदनशील
स्थानीय प्रशासन के अनुसार तोताघाटी क्षेत्र भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं के लिए पहले से ही चिन्हित ब्लैक स्पॉट है। बरसात और मौसम में बदलाव के दौरान यहां अक्सर चट्टानें ढीली होकर नीचे गिरती रहती हैं। सुरक्षा के मद्देनजर समय-समय पर पहाड़ी कटिंग और जाल लगाने जैसे उपाय किए जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाता।
प्रशासन ने दी सतर्कता की सलाह
पुलिस और जिला प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों से गुजरने वाले वाहन चालकों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों में धीमी गति से चलने और मौसम की जानकारी लेकर यात्रा करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी मार्गों की चुनौतियों को सामने लाता है। अचानक गिरते पत्थर न केवल यातायात बाधित करते हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। प्रशासन की ओर से मार्ग को सुरक्षित बनाने के प्रयास जारी हैं, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



