बिज़नेस

Budget2026 – ज्ञान और उद्योग पर आधारित विकास का खाका पेश

Budget2026 – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य का बजट पेश करने के बाद इसे आने वाले वर्षों की विकास दिशा तय करने वाला दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेज़ी से आगे बढ़ रही है और यह बजट उसी सोच को आगे बढ़ाता है। उनके अनुसार यह केवल वार्षिक आय-व्यय का ब्योरा नहीं, बल्कि प्रदेश को ज्ञान आधारित और औद्योगिक रूप से सशक्त अर्थव्यवस्था बनाने की रणनीति है। मुख्यमंत्री ने बजट को “समृद्ध, सुखद, संपन्न और संस्कृतिमय मध्यप्रदेश” के लक्ष्य से जोड़ते हुए इसे दीर्घकालिक दृष्टि वाला बताया।

दो वर्षों की विकास रूपरेखा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश का पहला रोलिंग बजट है, जिसमें दो साल की योजना को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। वर्ष 2026–27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उनका कहना था कि सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास योजनाओं को गति देने का प्रयास किया है। इस बजट को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार किया गया है ताकि योजनाओं का असर जमीन पर दिखाई दे।

कृषि को प्राथमिकता, किसानों के लिए बड़ा प्रावधान

सरकार ने चालू वर्ष को कृषि समर्पित वर्ष घोषित किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसमें सिंचाई, फसल प्रबंधन, समर्थन मूल्य और कृषि अधोसंरचना से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनका कहना था कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किए बिना प्रदेश की समग्र प्रगति संभव नहीं है, इसलिए कृषि क्षेत्र को बजट में केंद्रीय स्थान दिया गया है।

सड़कों का विस्तार और नई द्वारका योजना

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में गांवों के छोटे-छोटे मंजरे और टोले तक सड़क पहुंचाने के लिए 21,630 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उनका कहना था कि सड़क संपर्क बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार को सीधे लाभ मिलेगा। इसके अलावा ‘द्वारका योजना’ नाम से नई पहल शुरू की गई है, जिसके लिए 5,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और विकास कार्यों को तेज़ करना बताया गया है।

कर नहीं बढ़ाया, पूंजीगत व्यय पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बजट में किसी भी प्रकार का नया कर नहीं लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय को सुव्यवस्थित तरीके से बढ़ाया गया है ताकि अधोसंरचना निर्माण और निवेश को प्रोत्साहन मिले। राज्य की विकास दर लगभग 30 प्रतिशत रहने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक संकेत है और आने वाले समय में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।

युवाओं और पर्यटन पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा राज्य है और इस जनसांख्यिकीय ताकत को विकास की ऊर्जा में बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है। कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्योग विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति का दावा करते हुए उन्होंने बताया कि 13 करोड़ से अधिक पर्यटक प्रदेश आए हैं। धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से बढ़ावा देने की योजना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

वन्यजीव संरक्षण और महिला सशक्तिकरण

वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी राज्य सरकार सक्रिय है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आठ और चीते प्रदेश में लाए जा रहे हैं और उनकी संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। साथ ही जंगली भैंस को दोबारा बसाने की तैयारी भी की जा रही है। महिलाओं के लिए चलाई जा रही लाड़ली योजना के तहत पर्याप्त बजटीय प्रावधान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी और सामाजिक सुरक्षा का दायरा विस्तृत होगा।

इस प्रकार राज्य सरकार ने बजट को विकास, सामाजिक सुरक्षा और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के संतुलित प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया है। आने वाले समय में इन घोषणाओं का क्रियान्वयन किस तरह होता है, इस पर प्रदेश की आर्थिक दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.