स्वास्थ्य

Digestive Health Tips – गैस और ब्लोटिंग में राहत दिला सकती है लौंग

Digestive Health Tips – भारतीय रसोई में रखे छोटे-छोटे मसाले सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं होते, बल्कि कई बार यही घरेलू नुस्खे बड़ी परेशानियों में काम आते हैं। ऐसी ही एक साधारण सी दिखने वाली चीज है लौंग। आकार में भले छोटी हो, लेकिन पेट से जुड़ी समस्याओं में इसका उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है। गैस, पेट फूलना, एसिडिटी और अपच जैसी दिक्कतों से जूझ रहे लोगों के लिए लौंग को आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही उपयोगी मानते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सीमित मात्रा में इसका सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकता है।

डॉक्टर की राय: पाचन के लिए क्यों फायदेमंद है लौंग

दिल्ली के एक प्रमुख अस्पताल में कार्यरत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वात्स्य के अनुसार, लौंग घरेलू स्तर पर गैस और ब्लोटिंग से राहत देने वाले प्रभावी उपायों में शामिल है। वे बताते हैं कि इसमें यूजेनॉल नामक सक्रिय तत्व पाया जाता है, जो पाचन क्रिया को संतुलित रखने में भूमिका निभाता है।

डॉ. वात्स्य के मुताबिक, यूजेनॉल पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, खासकर एच. पाइलोरी के प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है। यही बैक्टीरिया कई मामलों में अल्सर की वजह बन सकता है। इसके अलावा, लौंग पेट की भीतरी परत की सुरक्षा में भी योगदान दे सकती है, क्योंकि यह म्यूकस के उत्पादन को बढ़ावा देती है। इससे एसिड के दुष्प्रभावों से बचाव संभव हो पाता है।

पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि लौंग पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में सहायक हो सकती है। जब एंजाइम्स सही तरह से काम करते हैं, तो भोजन का पाचन बेहतर होता है और गैस बनने की संभावना कम होती है।

इसके साथ ही, यह आंतों में सूजन कम करने में भी मदद कर सकती है। जिन लोगों को अक्सर पेट भारी रहने या सूजन की शिकायत रहती है, उनके लिए सीमित मात्रा में लौंग का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है।

गट हेल्थ और अन्य संभावित फायदे

लौंग का प्रभाव सिर्फ गैस या एसिडिटी तक सीमित नहीं माना जाता। शोधों में यह भी संकेत मिले हैं कि इसमें मौजूद तत्व अच्छे गट बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। स्वस्थ आंतें पूरे शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ी होती हैं, इसलिए गट हेल्थ का संतुलित रहना बेहद जरूरी है।

इसके अतिरिक्त, लौंग में एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा भी पाई जाती है, जो शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। कुछ अध्ययनों में यह भी देखा गया है कि यह ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित रखने में सहयोग कर सकती है और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। हालांकि, इन दावों पर और विस्तृत शोध की आवश्यकता बनी हुई है।

कितनी मात्रा है सुरक्षित?

लौंग के फायदे सुनकर कई लोग इसे अधिक मात्रा में लेने लगते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इससे सावधान रहने की सलाह देते हैं। डॉ. वात्स्य के अनुसार, जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है, खासकर यदि लौंग का तेल बिना परामर्श के लिया जाए।

आम तौर पर भोजन के बाद एक या दो लौंग चबाना पर्याप्त माना जाता है। इससे गैस, ब्लोटिंग और हल्की एसिडिटी में राहत मिल सकती है। नियमित रूप से अधिक मात्रा में सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

इलाज का विकल्प नहीं है घरेलू उपाय

यह समझना जरूरी है कि लौंग एक सहायक घरेलू उपाय हो सकती है, लेकिन यह किसी गंभीर बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं है। यदि पेट दर्द, लगातार एसिडिटी, उल्टी, वजन कम होना या लंबे समय तक ब्लोटिंग जैसी समस्याएं बनी रहती हैं, तो विशेषज्ञ से परामर्श करना अनिवार्य है।

स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी निर्णय में संतुलन और सावधानी जरूरी है। लौंग का सीमित और समझदारी से उपयोग पाचन से जुड़ी सामान्य परेशानियों में मदद कर सकता है, लेकिन चिकित्सकीय सलाह को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

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