OilTankers – भारत ने जब्त किए तीन प्रतिबंधित टैंकर
OilTankers – भारत ने इस महीने अपनी समुद्री सीमा में कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे तेल टैंकरों को जब्त किया है, जिन पर पहले से अमेरिकी प्रतिबंध लागू थे और जिनका संबंध ईरान से जुड़ा बताया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक यह कदम समुद्री क्षेत्र में अवैध तेल व्यापार पर रोक लगाने और जहाजों के बीच गुप्त रूप से होने वाले ट्रांसफर को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया। ऐसे लेनदेन में अक्सर तेल की वास्तविक उत्पत्ति को छिपाने की कोशिश की जाती है।

टैंकरों की पहचान और गतिविधियां
सूत्रों के अनुसार जिन जहाजों को रोका गया, वे स्टेलर रूबी, अस्फाल्ट स्टार और अल जफजिआ नाम से संचालित हो रहे थे। जांच के दौरान सामने आया कि ये टैंकर बार-बार अपनी पहचान, झंडा और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी बदलते रहे, जिससे निगरानी तंत्र को भ्रमित किया जा सके। इन जहाजों के स्वामित्व से जुड़ी कंपनियां विदेशों में पंजीकृत बताई गई हैं।
हालांकि ईरान की राष्ट्रीय तेल कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इन टैंकरों का उनके साथ कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे।
भारतीय तटरक्षक की सतर्कता
समुद्री सुरक्षा को लेकर भारतीय तटरक्षक ने अपने गश्ती अभियानों को और मजबूत किया है। जानकारी के मुताबिक समुद्री क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी के लिए लगभग 55 पोत और 10 से 12 विमान तैनात किए गए हैं। हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश भी इसी निगरानी के दौरान हुआ था।
जांच में यह संकेत मिले हैं कि संबंधित टैंकर खुले समुद्र में अन्य जहाजों को सस्ता तेल और तेल आधारित माल स्थानांतरित करते थे। इस प्रक्रिया में जहाजों के बीच सीधे संपर्क से माल की अदला-बदली की जाती थी, ताकि आधिकारिक रिकॉर्ड में उसका उल्लेख न हो। अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग डेटा, शिपिंग दस्तावेजों और चालक दल से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क के काम करने के तरीके को समझा गया।
अमेरिकी प्रतिबंधों का संदर्भ
अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फोरेन एसेट्स कंट्रोल ने पहले ही कुछ जहाजों पर प्रतिबंध लगाए थे। जिन जहाजों के IMO नंबर मुंबई में जब्त टैंकरों से मेल खाते हैं, वे पहले ग्लोबल पीस, चिल 1 और ग्लोरी स्टार 1 नाम से सूचीबद्ध थे। इस समानता के आधार पर प्रतिबंधों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत कार्रवाई
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल कानून लागू करने का मामला नहीं, बल्कि समुद्री पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन का भी संकेत है। भारत ने डिजिटल निगरानी प्रणाली और विस्तारित समुद्री उपस्थिति के जरिए यह कदम उठाया है।
तटरक्षक अधिकारियों का कहना है कि समुद्री क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। इस ऑपरेशन को भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



