VerificationDrive – बढ़ते अपराध के बीच प्रदेशव्यापी सत्यापन अभियान
VerificationDrive – उत्तराखंड में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं के बाद पुलिस महकमे ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेशभर में व्यापक सत्यापन अभियान चलाने का फैसला लिया गया है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच तेज करने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत करना और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम रखना है।

थाना स्तर पर गठित होंगी विशेष टीमें
डीजीपी के निर्देश के बाद हर थाने में अलग से टीम गठित की जा रही है। इन टीमों को अपने-अपने क्षेत्र में किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों और अस्थायी रूप से रह रहे लोगों का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस उपाधीक्षक से लेकर आईजी रेंज स्तर तक अभियान की नियमित समीक्षा होगी। वरिष्ठ अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हो।
महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर जोर
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह अभियान विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और अकेले रहने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर शुरू किया जा रहा है। हाल में कुछ घटनाओं ने चिंता बढ़ाई थी, जिसके बाद निगरानी तंत्र को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया से संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जा सकेगी।
डिलीवरी एजेंट और निजी कर्मियों की जांच
अभियान के तहत विभिन्न कंपनियों से जुड़े डिलीवरी एजेंटों का भी सत्यापन प्राथमिकता में रखा गया है। अमेजन, जोमैटो और ब्लिंकिट जैसी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के साथ-साथ निजी सुरक्षा गार्ड, कैब चालक और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मियों की जानकारी की जांच की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इन सेवाओं से जुड़े लोग रोजाना बड़ी संख्या में घरों और संस्थानों तक पहुंचते हैं, इसलिए उनकी पृष्ठभूमि की पुष्टि आवश्यक है।
इन स्थानों पर रहेगा विशेष फोकस
सत्यापन अभियान के दौरान मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट, किराये के मकान, पीजी और होम-स्टे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा होटल, गेस्ट हाउस, आश्रम और धर्मशालाओं में ठहरने वालों का रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों, ठेकेदारों, शॉपिंग मॉल, जिम, कोचिंग सेंटर, स्कूल और विश्वविद्यालयों से जुड़े कर्मचारियों का भी विवरण एकत्र किया जाएगा। ब्यूटी पार्लर और अन्य सेवा प्रतिष्ठानों को भी अभियान के दायरे में रखा गया है।
सख्त कार्रवाई के संकेत
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। किरायेदारों का विवरण न देने वाले मकान मालिकों और नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। अभियान का मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि संभावित खतरों को पहले ही चिन्हित करना है।
प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए यह पहल आने वाले दिनों में और तेज की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है ताकि सत्यापन प्रक्रिया प्रभावी ढंग से पूरी हो सके और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।



