SunnyDeol – ‘बॉर्डर 2’ की सफलता पर सनी ने साझा किए अनुभव
SunnyDeol – अभिनेता सनी देओल इन दिनों अपनी हालिया फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से उत्साहित हैं। दर्शकों के बीच फिल्म को जिस तरह का समर्थन मिला है, उसे लेकर वे आभार जताते हैं। उनका मानना है कि पर्दे पर दमदार और खासकर वर्दीधारी किरदार निभाने की क्षमता उन्हें अपने पिता, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र से विरासत में मिली है। सनी कहते हैं कि वे केवल अभिनय नहीं करते, बल्कि किरदार को जीने की कोशिश करते हैं ताकि दर्शक उससे जुड़ सकें।

परिवार से मिली सीख और अभिनय की शैली
एक बातचीत में सनी देओल ने कहा कि उनके लिए अभिनय केवल पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। वे मानते हैं कि जब तक दर्शक किसी किरदार में सच्चाई महसूस नहीं करेंगे, तब तक कहानी का असर अधूरा रहेगा। उनके अनुसार, बचपन से उन्हें ईमानदारी और संवेदनशीलता की सीख मिली है, जिसने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया।
सनी ने बताया कि उनका परिवार हमेशा सादगी और सच्चाई को महत्व देता रहा है। यही वजह है कि वे ऐसे किरदारों को प्राथमिकता देते हैं जो मजबूत नैतिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हों। उनका कहना है कि वे किसी भी भूमिका को निभाते समय इस बात का ध्यान रखते हैं कि वह लोगों की भावनाओं को आहत न करे।
वर्दीधारी भूमिकाओं से खास जुड़ाव
सनी देओल को कई बार सेना या पुलिस जैसे किरदारों में देखा गया है। उनका कहना है कि ऐसे किरदारों में जो जोश और जिम्मेदारी दिखती है, वह उनके स्वभाव के करीब है। वे इसे किसी बनावटी छवि का हिस्सा नहीं मानते, बल्कि इसे अपनी परवरिश का असर बताते हैं।
उनके मुताबिक, यह एक तरह से परिवार की परंपरा का विस्तार है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि काम के प्रति समर्पण और ईमानदारी शायद उनके डीएनए में है, जो पिता से मिली विरासत का हिस्सा है।
फिटनेस और दिनचर्या का राज
स्क्रीन पर उनकी मजबूत उपस्थिति को लेकर जब सवाल पूछा गया तो सनी ने इसका श्रेय अपनी सक्रिय जीवनशैली को दिया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही खेलकूद में रुचि रही है। पढ़ाई से ज्यादा समय मैदान में बिताते थे, जिस पर मां अक्सर डांट भी लगाती थीं।
बड़े होने के साथ उन्होंने वेट लिफ्टिंग शुरू की और शारीरिक फिटनेस को नियमित अभ्यास का हिस्सा बना लिया। उनका कहना है कि वे खान-पान को लेकर बहुत ज्यादा जटिल नियम नहीं अपनाते। साधारण घर का बना भोजन ही पसंद करते हैं और आज भी उसी दिनचर्या का पालन करते हैं।
सनी ने बताया कि वे सुबह सूर्योदय से पहले उठने की आदत रखते हैं, चाहे रात को देर से सोए हों। उनका मानना है कि अनुशासन ही ऊर्जा का असली स्रोत है।
दर्शकों से जुड़ाव को प्राथमिकता
अभिनेता का कहना है कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण दर्शकों का भरोसा है। वे चाहते हैं कि लोग उनके किरदारों में सच्चाई देखें और खुद को उनसे जुड़ा महसूस करें। यही कारण है कि वे हर भूमिका को गंभीरता से लेते हैं और पूरी तैयारी के साथ कैमरे के सामने उतरते हैं।
‘बॉर्डर 2’ की सफलता को वे केवल एक फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि दर्शकों के स्नेह का परिणाम मानते हैं। उनके मुताबिक, कलाकार का असली पुरस्कार यही है कि लोग उसके काम को दिल से स्वीकार करें।



