स्वास्थ्य

ProteinDeficiency – बाल झड़ना और थकान हो सकते हैं अहम संकेत

ProteinDeficiency – अक्सर लोग बालों के झड़ने या नाखूनों के टूटने को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार इसका कारण मौसम, प्रदूषण या हेयर प्रोडक्ट्स को माना जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन लक्षणों के साथ शरीर में कमजोरी, थकान या मांसपेशियों में दर्द भी महसूस हो रहा हो, तो यह प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। प्रोटीन शरीर के लिए एक बुनियादी पोषक तत्व है, जो मांसपेशियों से लेकर त्वचा, बाल और नाखूनों तक की संरचना में अहम भूमिका निभाता है।

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केराटिन से जुड़ा है बाल और नाखूनों का स्वास्थ्य

चिकित्सकों के अनुसार बाल और नाखून मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। जब शरीर में पर्याप्त प्रोटीन नहीं पहुंचता, तो केराटिन का निर्माण प्रभावित होता है। इसका सीधा असर बालों की मजबूती और नाखूनों की सेहत पर पड़ता है। ऐसे में बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं और नाखून कमजोर होकर जल्दी टूटने लगते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो खानपान की समीक्षा करना जरूरी है।

हार्मोन संतुलन और ऊर्जा पर असर

डॉक्टरों का कहना है कि प्रोटीन केवल मांसपेशियों के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह शरीर में हार्मोन संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होता है। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन न मिलने पर व्यक्ति जल्दी थकान महसूस कर सकता है और समय से पहले उम्र बढ़ने जैसे संकेत भी दिख सकते हैं। संतुलित आहार शरीर को लंबे समय तक सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

मांसपेशियों में दर्द और धीमी रिकवरी

अगर बिना अधिक शारीरिक मेहनत के भी मांसपेशियों में दर्द बना रहता है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रोटीन की कमी होने पर शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों के ऊतकों को तोड़ने लगता है। इससे कमजोरी और दर्द की शिकायत बढ़ सकती है। साथ ही चोट या घाव भरने में भी सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है, क्योंकि नए ऊतकों के निर्माण के लिए पर्याप्त पोषक तत्व उपलब्ध नहीं होते।

बार-बार भूख लगना भी हो सकता है संकेत

कुछ लोग भोजन करने के तुरंत बाद ही फिर से भूख महसूस करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा तब हो सकता है जब आहार में प्रोटीन की मात्रा कम हो। प्रोटीन पेट भरा होने का एहसास लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर व्यक्ति बार-बार खाने की इच्छा महसूस कर सकता है, जिससे असंतुलित खानपान की आदत विकसित हो सकती है। संतुलित मात्रा में दाल, दूध, अंडे या अन्य प्रोटीन स्रोत शामिल करने से यह समस्या कम हो सकती है।

मीठा खाने की बढ़ती इच्छा

अचानक मीठा खाने की तीव्र इच्छा भी शरीर में असंतुलन का संकेत हो सकती है। प्रोटीन रक्त में शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में मदद करता है। जब भोजन में इसकी कमी होती है, तो शुगर स्तर तेजी से ऊपर-नीचे हो सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति को मीठा खाने की तीव्र लालसा हो सकती है। पोषण विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नियमित आहार में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा शामिल करने से ऐसी क्रेविंग को नियंत्रित किया जा सकता है।

संतुलित आहार है समाधान

विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित और विविध आहार अपनाकर प्रोटीन की कमी से बचा जा सकता है। दालें, बीन्स, दूध, पनीर, अंडे और मेवे जैसे खाद्य पदार्थ अच्छे स्रोत माने जाते हैं। यदि लगातार कमजोरी या अन्य लक्षण बने रहें तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित होता है। सही समय पर पहचान और पोषण संबंधी सुधार से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।

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