HDLCholesterol – अच्छा कोलेस्ट्रॉल क्यों है दिल और दिमाग के लिए अनिवार्य
HDLCholesterol – हमारे शरीर में मौजूद चर्बी को अक्सर दुश्मन समझ लिया जाता है, जबकि सच यह है कि हर तरह का फैट नुकसानदेह नहीं होता। आम धारणा के उलट, कुछ वसा शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं और इन्हीं में से एक है हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन यानी एचडीएल, जिसे “अच्छा कोलेस्ट्रॉल” कहा जाता है। यह सिर्फ ऊर्जा का स्रोत नहीं, बल्कि शरीर की अंदरूनी सफाई व्यवस्था का अहम हिस्सा भी है। चिकित्सकों के मुताबिक, जिन लोगों में एचडीएल का स्तर संतुलित रहता है, उनमें दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा अपेक्षाकृत कम पाया जाता है।

धमनियों की सफाई करने वाला प्राकृतिक रक्षक
एचडीएल का सबसे बड़ा काम रक्त वाहिकाओं को साफ रखना है। जब शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल बढ़ने लगता है, तो यह धमनियों की दीवारों पर चिपककर प्लाक बनाने लगता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। एचडीएल एक रक्षक की तरह काम करते हुए इस अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को सोख लेता है और उसे वापस लिवर तक पहुंचाता है, जहां से इसे शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि एचडीएल में मामूली बढ़ोतरी भी हृदय रोगों की संभावना को कुछ प्रतिशत तक घटा सकती है।
हार्मोन संतुलन और दिमाग के लिए क्यों जरूरी
फैट सिर्फ वजन बढ़ाने का कारण नहीं, बल्कि शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का आधार भी है। टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन के निर्माण में कोलेस्ट्रॉल अहम भूमिका निभाता है। एचडीएल मस्तिष्क की कोशिकाओं की सुरक्षात्मक परत को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे सोचने-समझने की क्षमता बेहतर रहती है। पर्याप्त गुड फैट के बिना मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक संतुलन और हार्मोनल स्थिरता बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर पूरी तरह फैट से दूरी बनाने के बजाय सही प्रकार के फैट चुनने की सलाह देते हैं।
दिल की सेहत से सीधा संबंध
कम एचडीएल स्तर वाले लोगों में धमनियों में ब्लॉकेज बनने की आशंका अधिक रहती है। जब यह स्तर गिरता है, तो शरीर में सूजन बढ़ने लगती है और रक्त वाहिकाएं कठोर हो सकती हैं। इसके विपरीत, जिनका एचडीएल स्तर बेहतर होता है, उनका हृदय तुलनात्मक रूप से ज्यादा सुरक्षित रहता है। यह अच्छा कोलेस्ट्रॉल रक्त में मौजूद हानिकारक वसा को संतुलित करके दिल पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है।
प्राकृतिक तरीके से एचडीएल कैसे बढ़ाएं
खुशकिस्मती से एचडीएल का स्तर जीवनशैली में छोटे बदलावों से बढ़ाया जा सकता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे अखरोट, अलसी के बीज, जैतून का तेल और फैटयुक्त मछली इसमें मददगार साबित होते हैं। नियमित रूप से तेज चलना, साइकिल चलाना या हल्का कार्डियो व्यायाम करने से भी एचडीएल सक्रिय होता है। दूसरी ओर, ट्रांस फैट जैसे वनस्पति घी और अत्यधिक प्रोसेस्ड चीनी से दूरी बनाना जरूरी है, क्योंकि ये बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं।
वजन, धूम्रपान और एचडीएल का संबंध
अधिक वजन और धूम्रपान दोनों ही एचडीएल स्तर को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। शरीर का अतिरिक्त वजन घटाने और धूम्रपान छोड़ने से गुड कोलेस्ट्रॉल में धीरे-धीरे सुधार देखा जा सकता है। कई लोगों में सिर्फ इन दो आदतों में बदलाव से ही दिल की सेहत में बड़ा अंतर देखने को मिला है।
संतुलन ही असली सेहत
स्वस्थ रहने का मतलब फैट को पूरी तरह खत्म करना नहीं, बल्कि सही मात्रा और सही प्रकार का फैट लेना है। जैसे आयरन की कमी शरीर को कमजोर बना देती है, वैसे ही एचडीएल की कमी भी हृदय और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकती है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आप अपने एचडीएल स्तर को बेहतर बना सकते हैं। अंततः एक मजबूत और स्वस्थ दिल के लिए अच्छा कोलेस्ट्रॉल बेहद जरूरी है।



