EnforcementAction – सबरीमाला सोना चोरी जांच में अभिनेता जयराम को ईडी का नोटिस
EnforcementAction – केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोने की चोरी के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब मलयालम फिल्म जगत के चर्चित अभिनेता जयराम को पूछताछ के लिए तलब किया है। ईडी ने उन्हें 17 फरवरी को कोच्चि स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है। यह मामला पहले से ही अपनी संवेदनशीलता और हाई-प्रोफाइल प्रकृति के कारण चर्चा में बना हुआ है।

मुख्य आरोपी से संबंध बना जांच की वजह
सूत्रों के अनुसार, जयराम को इस मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ उनके कथित संबंधों के चलते बुलाया गया है। जांच एजेंसी यह समझना चाहती है कि अभिनेता और आरोपी के बीच किस प्रकार का संपर्क रहा है और क्या इस संपर्क का कोई वित्तीय या अन्य लेन-देन से संबंध बनता है। हालांकि, फिलहाल जयराम को आरोपी के तौर पर नहीं, बल्कि पूछताछ के उद्देश्य से नोटिस भेजा गया है।
वित्तीय लाभ की कड़ी तलाश रही ईडी
ईडी की जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या सबरीमाला के लिए निर्धारित सोने से किसी व्यक्ति या समूह को आर्थिक लाभ पहुंचाया गया। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कथित चोरी से जुड़े पैसों को कहीं और निवेश या स्थानांतरित तो नहीं किया गया। इसी कड़ी में जयराम से जुड़े संभावित वित्तीय लेन-देन की जानकारी मांगी जा सकती है, जिससे मामले की परतें खुलने की उम्मीद है।
घर पर हुए अनुष्ठानों से जुड़ा संदर्भ
इस मामले में पहले कुछ ऐसे दृश्य सामने आए थे, जिनमें सबरीमाला सन्निधानम से लाई गई द्वारपाल की मूर्तियां अभिनेता जयराम के आवास पर देखी गई थीं। इन मूर्तियों के साथ कथित रूप से पूजा-अर्चना किए जाने की बात भी सामने आई थी। इन्हीं घटनाओं के कारण जांच एजेंसियों का ध्यान जयराम की भूमिका और उनके संपर्कों पर गया।
एसआईटी पहले ही दे चुकी है राहत
गौरतलब है कि इससे पहले केरल हाईकोर्ट द्वारा गठित केरल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इस मामले में जयराम से पूछताछ की थी। अभिनेता ने एसआईटी को बताया था कि उनके घर पर किए गए अनुष्ठान पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक कारणों से थे। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य घर में शांति और समृद्धि लाना था और उन्हें उन्नीकृष्णन पोट्टी द्वारा की गई किसी भी कथित धोखाधड़ी की जानकारी नहीं थी।
गवाह के तौर पर किया गया था शामिल
एसआईटी ने जयराम के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उन्हें क्लीन चिट दी थी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि अभिनेता को इस मामले में आरोपी नहीं, बल्कि गवाह के रूप में देखा जाएगा। पुलिस जांच के स्तर पर यह मामला यहीं समाप्त हो गया था, लेकिन आर्थिक पहलुओं की अलग से जांच जारी रही।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से ईडी की अलग जांच
ईडी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि यदि किसी भी तरह का अवैध धन प्रवाह हुआ है, तो उसकी तह तक पहुंचना जरूरी है। इसी वजह से जयराम को दोबारा बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है, भले ही पुलिस उन्हें पहले ही राहत दे चुकी हो।
क्या कह सकते हैं जयराम
सूत्रों का कहना है कि ईडी के सामने भी जयराम वही पक्ष रख सकते हैं, जो उन्होंने एसआईटी के समक्ष रखा था। उनकी ओर से यह कहा जा सकता है कि वे उन्नीकृष्णन पोट्टी को चेन्नई के एक परिचित और भक्त के रूप में जानते थे और सोने की थालियां उनके घर केवल पूजा के उद्देश्य से लाई गई थीं। संकेत हैं कि ईडी भी उन्हें इस मामले में गवाह के रूप में ही देख सकती है।
आगे की जांच पर टिकी नजरें
अब सबकी निगाहें 17 फरवरी पर टिकी हैं, जब जयराम ईडी के समक्ष पेश होंगे। उनके बयान से यह साफ हो सकेगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी और क्या इस हाई-प्रोफाइल मामले में कोई नया मोड़ आता है या नहीं।



