Bhimashankar – महाशिवरात्रि 2026 पर बंद रहेंगे भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन
Bhimashankar – महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, जो भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में गिना जाता है, आगामी महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में आम दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय सुरक्षा कारणों और चल रहे निर्माण कार्यों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

महाशिवरात्रि पर क्यों नहीं खुलेंगे मंदिर के कपाट
महाशिवरात्रि के दिन भीमाशंकर मंदिर में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि, इस बार हालात अलग हैं। मंदिर परिसर में इस समय व्यापक निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने किसी भी तरह का जोखिम न लेने का फैसला किया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि निर्माण के बीच भारी भीड़ को अनुमति दी गई, तो दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से महाशिवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी मंदिर को पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
चल रहा है नया सभामंडप और सीढ़ी मार्ग का निर्माण
मंदिर परिसर में पुराने सभामंडप को पूरी तरह हटाया जा चुका है और उसकी जगह एक नए, अधिक सुविधाजनक और भव्य सभामंडप का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए सीढ़ी मार्ग का भी पुनर्विकास किया जा रहा है। इन कार्यों के कारण परिसर में भारी निर्माण सामग्री, मशीनें और श्रमिक लगातार मौजूद रहते हैं। ऐसे वातावरण में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सिंहस्थ कुंभ 2027 की तैयारियों से जुड़ा फैसला
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह निर्माण कार्य केवल स्थानीय सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि 2027 में नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों से भी जुड़ा हुआ है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग कुंभ से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। कुंभ के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने समय रहते बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। निर्माण कार्य को तय समय में पूरा करने के लिए किसी भी प्रकार की ढील देना संभव नहीं है।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सख्त प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यह फैसला श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। निर्माण स्थल पर भीड़ होने की स्थिति में भगदड़, गिरने या अन्य दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। प्रशासन का मानना है कि एक दिन के लिए दर्शन स्थगित करना, किसी भी अप्रिय घटना से कहीं बेहतर विकल्प है।
श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे इस निर्णय को समझें और नियमों का पालन करें। महाशिवरात्रि के दिन भक्त अपने घरों में पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन माध्यमों से दर्शन और पूजा से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराई जा सकती हैं। मंदिर प्रशासन का प्रयास है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर सुविधाएं मिलें और भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
दीर्घकालिक विकास के लिए अस्थायी असुविधा
हालांकि महाशिवरात्रि जैसे पावन अवसर पर मंदिर के बंद रहने से भक्तों को निराशा होना स्वाभाविक है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय अस्थायी है। दीर्घकालिक विकास, बेहतर व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह कदम भविष्य में अधिक सुगम और सुरक्षित दर्शन का मार्ग प्रशस्त करेगा।



