ShekharKapur – ‘मासूम’ की रिलीज़ के दिन टूट गया था शेखर कपूर का हौसला
ShekharKapur – फिल्म निर्देशक शेखर कपूर ने हाल ही में अपनी चर्चित फिल्म ‘मासूम’ से जुड़ी कुछ ऐसी यादें साझा कीं, जिन्हें जानकर सिनेमा प्रेमियों को हैरानी हुई है। सोशल मीडिया पर किए गए उनके इस आत्मीय पोस्ट में उस दौर की सच्चाई झलकती है, जब अच्छी और संवेदनशील फिल्मों को दर्शक मिलने में वक्त लगता था।

रिलीज़ के पहले दिन का सन्नाटा
शेखर कपूर के मुताबिक, ‘मासूम’ के रिलीज़ वाले दिन उन्होंने खुद थिएटर जाकर फिल्म देखने का फैसला किया था। लेकिन वहां पहुंचकर जो दृश्य उन्होंने देखा, वह उनके लिए बेहद निराशाजनक था। पूरे सिनेमा हॉल में सिर्फ दो दर्शक मौजूद थे, जिनमें से एक वे स्वयं थे। उस समय टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग आम मानी जाती थी, लेकिन हालात इतने खराब थे कि टिकटों का अवैध कारोबार करने वालों को भी खरीदार नहीं मिले।
थिएटर के बाहर एक व्यक्ति ने उनसे यहां तक कह दिया कि उन्होंने ‘आर्टिकल’ फिल्म बना दी है और अगर इंडस्ट्री में टिकना है तो ऐसी फिल्में नहीं बनानी चाहिए। बाद में शेखर कपूर को समझ आया कि वह व्यक्ति ‘आर्टिस्टिक’ फिल्म कहना चाह रहा था, लेकिन उस वक्त यह टिप्पणी उन्हें गहरे तक चुभ गई।
लगातार खाली रहे थिएटर
निर्देशक ने बताया कि उस दौर में इस तरह की संवेदनशील और शांत फिल्मों को सीधे फ्लॉप मान लिया जाता था। ‘मासूम’ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। रिलीज़ के बाद करीब एक हफ्ते तक हालात नहीं बदले। शुक्रवार से बुधवार तक थिएटर लगभग खाली रहे। दर्शकों की गैरमौजूदगी से निराश होकर डिस्ट्रीब्यूटर्स ने फिल्म को थिएटर से हटाने का मन बना लिया।
जिस दिन यह फैसला उन्हें बताया गया, शेखर कपूर मुंबई की सड़कों पर यूं ही घूमते रहे। उनके मन में यह सवाल उठने लगा कि शायद फिल्में बनाना उनके लिए नहीं है। यह उनके करियर का ऐसा मोड़ था, जहां आत्मविश्वास डगमगाने लगा था।
अचानक बदली किस्मत
हालांकि, कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। शेखर कपूर ने बताया कि अगले ही दिन एक दोस्त ने फोन कर उनसे ‘मासूम’ के टिकट मांगे। पहले तो उन्हें लगा कि यह मजाक है, लेकिन उसी दिन एक थिएटर हाउसफुल हो गया। अगले दिन दर्शकों की कतारें लगने लगीं।
सिर्फ एक हफ्ते के भीतर फिल्म ने अपनी लागत की भरपाई कर ली और ‘मासूम’ को हिट का दर्जा मिल गया। धीरे-धीरे यह फिल्म दर्शकों के दिलों में बसती चली गई और समय के साथ एक कल्ट क्लासिक बन गई।
फिर लौटेगी ‘मासूम’ की दुनिया
शेखर कपूर की यह यादें ऐसे समय सामने आई हैं, जब ‘मासूम’ के सीक्वल को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे ‘मासूम: द नेक्स्ट जेनरेशन’ पर काम कर रहे हैं। अपने पोस्ट में भी उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में यह सवाल उठाया कि क्या अगली फिल्म को भी लोग ‘आर्टिकल’ कहेंगे।
कलाकारों की मजबूत टीम
बताया जा रहा है कि सीक्वल में एक बार फिर शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह नजर आ सकते हैं। उनके साथ मनोज बाजपेयी, नित्या मेनन और शेखर कपूर की बेटी कावेरी कपूर की भी अहम भूमिकाएं होंगी। नई कहानी में परिवार, अपनापन और पहचान जैसे मानवीय मुद्दों को आधुनिक संदर्भ में दिखाने की तैयारी है।
शेखर कपूर की ये बातें यह याद दिलाती हैं कि सिनेमा में सफलता हमेशा पहले दिन तय नहीं होती। कई बार वक्त ही किसी फिल्म का सबसे बड़ा जज बनता है।



