उत्तराखण्ड

Bus Accident – उत्तराखंड बस हादसे के बाद नोटों से भरे बैग को लेकर अफरा-तफरी

Bus Accident – उत्तराखंड के कालसी क्षेत्र में हुए एचआरटीसी बस हादसे के बाद घटनास्थल पर एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े कर दिए। एक ओर हादसे में जान गंवाने वालों के शव पड़े थे और कई यात्री गंभीर रूप से घायल थे, वहीं दूसरी ओर नोटों से भरा एक बैग मिलने के बाद वहां मौजूद कुछ लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया।

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हादसे के बाद पैसों को लेकर बढ़ा तनाव

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस के पास काले रंग का एक कपड़े का बैग मिला, जिसमें बड़ी मात्रा में नकदी थी। जैसे ही यह जानकारी आसपास मौजूद लोगों तक पहुंची, मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। कुछ लोग उस बैग को अपना या अपने घायल रिश्तेदार का बताते हुए आपस में उलझ गए। हालात इतने बिगड़ गए कि बहस हाथापाई में बदलने की आशंका पैदा हो गई।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, बैग लिया कब्जे में

स्थिति बिगड़ती देख थाना कालसी के प्रभारी दीपक धारीवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए विवाद को शांत कराया और नोटों से भरे बैग को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या अव्यवस्था से बचा जा सके।

बैग में मिले पहचान पत्र से खुली सच्चाई

पुलिस द्वारा जब बैग की जांच की गई तो उसमें कुल 3 लाख 20 हजार रुपये नकद के साथ एक पैन कार्ड और फोटो पहचान पत्र बरामद हुआ। इन दस्तावेजों से बैग के मालिक की पहचान अब्दुल कयूम के रूप में हुई, जो सहारनपुर के निवासी हैं और नेरवा क्षेत्र में क्रॉकरी की दुकान चलाते हैं। हादसे के समय वह भी बस में सवार थे और गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

अस्पताल में भर्ती घायल से की गई पुष्टि

अब्दुल कयूम को दुर्घटना के बाद विकासनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल में उनसे फोन के माध्यम से संपर्क किया और बैग से संबंधित जानकारी की पुष्टि की। पहचान पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद प्रशासन ने बैग उनके परिजनों को सौंपने का निर्णय लिया।

परिजनों को सौंपा गया नकदी से भरा बैग

नायब तहसीलदार राजेंद्र लाल ने उपमंडलाधिकारी चकराता की मौजूदगी में सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद घायल यात्री की बेटी सानिया को नोटों से भरा बैग सौंपा गया। परिजनों ने प्रशासन और पुलिस का आभार जताया कि उन्होंने पूरी निष्पक्षता और सतर्कता के साथ प्रक्रिया पूरी की।

शिमला प्रशासन की टीम ने घायलों से की मुलाकात

बस हादसे की सूचना मिलते ही शिमला जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा और नायब तहसीलदार चंद वर्मा के नेतृत्व में एक टीम विकासनगर अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने वहां भर्ती सभी घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

राहत राशि का तत्काल वितरण

शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप के निर्देश पर गठित कमेटी ने मौके पर ही राहत राशि का वितरण किया। सामान्य घायलों को पांच-पांच हजार रुपये, गंभीर रूप से रैफर किए गए घायलों को दस-दस हजार रुपये और हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी सहायता प्रदान की गई।

प्रशासन ने सहयोग के लिए जताया आभार

उपायुक्त शिमला ने कहा कि हादसा भले ही उत्तराखंड में हुआ हो, लेकिन वहां के जिला प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया। समय पर की गई कार्रवाई से कई घायलों को बेहतर इलाज मिल सका और स्थिति को नियंत्रित रखने में मदद मिली।

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