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बिहार

IllegalMining – सारण में रातभर छापेमारी, करोड़ों का जुर्माना और वाहन जब्त

IllegalMining – सारण जिले में अवैध बालू खनन और उसके परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने अब तक की सबसे सघन और योजनाबद्ध कार्रवाई की है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के स्पष्ट निर्देश के बाद खनन विभाग ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर दो फरवरी की मध्य रात्रि से लेकर तीन फरवरी की शाम तक लगातार छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान अवैध गतिविधियों में संलिप्त वाहनों की जब्ती, भारी आर्थिक दंड और विधिक कार्रवाई के साथ एक कड़ा प्रशासनिक संदेश दिया गया कि जिले में नियमों की अवहेलना अब किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

दरियापुर में आधी रात की कार्रवाई

अभियान का केंद्र दरियापुर थाना क्षेत्र रहा, जहां अधिकारियों ने देर रात अलग-अलग मार्गों पर औचक जांच की। इस दौरान पांच ट्रैक्टर बिना वैध परिवहन चालान के बालू ले जाते हुए पकड़े गए। दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर सभी वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया और संबंधित चालकों व मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। प्रशासन ने इन वाहनों पर कुल 5.30 लाख रुपये का दंड लगाया। इसी क्रम में एक दस चक्का ट्रक भी बिना ई-चालान के बालू ढोते हुए पकड़ा गया, जिस पर 8.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई केवल जुर्माने तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध नेटवर्क को तोड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

दरिहारा बालू घाट पर मिली गंभीर अनियमितताएं

छापेमारी के अगले चरण में जिला खनन पदाधिकारी सर्वेश कुमार संभव ने दरिहारा बालू घाट का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं। पाया गया कि खननसॉफ्ट पोर्टल पर पंजीकरण यानी केएस नंबर के बिना दो वाहनों के लिए चालान जारी किए गए थे, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस पर घाट संचालक पर दो लाख रुपये का अतिरिक्त दंड लगाया गया। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल निगरानी प्रणाली को दरकिनार कर इस तरह के चालान जारी करना गंभीर वित्तीय और कानूनी अनियमितता की श्रेणी में आता है।

सुरक्षा और पर्यावरण मानकों की अनदेखी

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि बालू घाट पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी, जिससे रात में दुर्घटनाओं का जोखिम बना रहता है। इस लापरवाही के लिए 50 हजार रुपये का अलग से जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा करीब 3000 सीएफटी अवैध उजला बालू मौके से जब्त किया गया, जिसे नियमों के विपरीत निकाला गया था। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि निर्धारित पर्यावरण स्वीकृति क्षेत्र से बाहर जाकर और अनुमत गहराई से अधिक खनन किया जा रहा था। इसे पर्यावरणीय नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए प्रशासन ने 62.46 लाख रुपये का भारी दंड अधिरोपित किया।

प्रशासन की सख्त रणनीति और कानूनी कार्रवाई

पूरे विशेष अभियान के दौरान कुल एक प्राथमिकी दर्ज की गई, जबकि तीन ट्रक और पांच ट्रैक्टर जब्त किए गए। जिला प्रशासन के अनुसार इस कार्रवाई में कुल 76.01 लाख रुपये का दंड लगाया गया है, जो हाल के वर्षों में जिले की सबसे बड़ी जुर्माना राशि मानी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और अवैध खनन, अवैध परिवहन तथा अवैध भंडारण के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त मुहिम जारी रहेगी।

अवैध खनन पर दी गई स्पष्ट चेतावनी

जिलाधिकारी ने अपने बयान में कहा कि बालू खनन से जुड़े सभी कारोबारियों और वाहन संचालकों को नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना वैध कागजात, बिना डिजिटल पंजीकरण या पर्यावरण मानकों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन अब तकनीकी निगरानी, औचक जांच और पुलिस समन्वय को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है ताकि अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाई जा सके।

स्थानीय प्रभाव और आगे की योजना

इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर अवैध खनन से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अभियानों से न केवल सरकारी राजस्व की रक्षा होगी, बल्कि नदी-तटों और पर्यावरण को भी दीर्घकालिक नुकसान से बचाया जा सकेगा। आने वाले दिनों में अन्य बालू घाटों की भी इसी तरह विस्तृत जांच किए जाने की संभावना है।

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