Mahila Rojgar Yojana:बिहार की महिलाओं के लिए बड़ी राहत10 हजार रुपये अभी नहीं आए तो घबराएं नहीं, जल्द खाते में आएगी राशि
Mahila Rojgar Yojana:बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक साथ दस लाख महिलाओं के बैंक खातों में दस-दस हजार रुपये की प्रथम किस्त ट्रांसफर की। कुल एक हजार करोड़ रुपये की यह राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचाई गई। लेकिन अभी भी लाखों महिलाएं ऐसी हैं जिनके खाते में यह राशि नहीं आई है। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो बिलकुल चिंता न करें, क्योंकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बाकी सभी पात्र महिलाओं को यह राशि बहुत जल्द मिलने वाली है।

14 दिसंबर तक सभी पात्र महिलाओं को मिल जाएगी राशि
सरकारी सूत्रों के अनुसार, योजना के तहत अब तक जितनी महिलाओं ने ऑफलाइन मोड में आवेदन किया था और जो शुरू से जीविका समूह से जुड़ी हुई थीं, उनमें से अधिकांश को राशि ट्रांसफर कर दी गई है। लेकिन बड़ी संख्या में महिलाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था, जिनकी जांच का काम अभी चल रहा है। विभाग का दावा है कि सभी आवेदनों की सत्यापन प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और 14 दिसंबर 2025 तक शेष लगभग दस लाख से अधिक महिलाओं के खाते में भी दस हजार रुपये की यह राशि पहुंचा दी जाएगी। इसलिए जिन महिलाओं को अभी तक पैसे नहीं मिले हैं, वे धैर्य रखें और अपने आवेदन की स्थिति समय-समय पर चेक करती रहें।
जीविका समूह से जुड़ाव अनिवार्य शर्त
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला का बिहार की जीविका दीदियों के किसी सक्रिय समूह से जुड़ा होना जरूरी है। जो महिलाएं योजना शुरू होने से पहले से ही जीविका समूह का हिस्सा थीं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राशि दी गई है। अब बारी है उन महिलाओं की जो योजना की घोषणा के बाद जीविका से जुड़ीं। दोनों तरह के आवेदन – ऑफलाइन और ऑनलाइन – स्वीकार किए गए हैं, इसलिए यदि आपने सही तरीके से फॉर्म भरा है और जीविका समूह से जुड़ी हैं तो राशि मिलनी तय है।
योजना का असली मकसद – महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना दरअसल बिहार की हर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार की एक महिला को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना चाहती है। पहले चरण में दस हजार रुपये की शुरुआती पूंजी दी जा रही है। इसके बाद महिला जब अपना व्यवसाय शुरू कर देगी तो उसकी प्रगति की समीक्षा के बाद दूसरी किस्त के रूप में दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी महिला आर्थिक तंगी की वजह से अपना छोटा-मोटा कारोबार शुरू करने से न रुके। सिलाई केंद्र, किराना दुकान, मुर्गी पालन, बकरी पालन, मशरूम की खेती या कोई भी छोटा उद्यम – महिला की पसंद का कोई भी काम हो, इसके लिए यह मदद मिलेगी।
अभी तक कितना काम हुआ, आगे क्या प्लान है?
शुक्रवार को हुए ट्रांसफर के साथ ही अब तक कुल बीस लाख से अधिक महिलाओं को पहली किस्त मिल चुकी है। सरकार ने साफ कहा है कि दिसंबर के अंत तक योजना के सभी पात्र लाभार्थियों तक राशि पहुंचा दी जाएगी। साथ ही जीविका दीदियों के माध्यम से नए समूह बनाने का काम भी तेज कर दिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इस योजना से जुड़ सकें। अगर आप अभी तक जीविका समूह से नहीं जुड़ी हैं तो नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन या जीविका की दीदी से संपर्क करके तुरंत समूह में शामिल हो जाएं।
अगर आपको लगता है कि आप पात्र हैं लेकिन अभी तक राशि नहीं आई तो घबराने की जरूरत नहीं है। बस अपने बैंक खाते को आधार से लिंक रखें, मोबाइल नंबर अपडेट रखें और थोड़ा इंतजार करें। 14 दिसंबर तक आपका भी खाता खुशियों से भर जाएगा।



