स्पोर्ट्स

CricketPolitics – टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाक मैच विवाद पर ललित मोदी का तीखा हमला

CricketPolitics – आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित मुकाबले को लेकर उठा विवाद अब महज एक मैच तक सीमित नहीं रह गया है। पाकिस्तान द्वारा ग्रुप चरण में भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करने के फैसले ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ-साथ उसकी कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं।

Cricketpolitics - – - टी20 - वर्ल्ड - कप - में - भारत-पाक - मैच
Cricketpolitics – टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाक मैच विवाद
WhatsApp Group Join Now

ललित मोदी ने राजनीति और क्रिकेट के टकराव पर जताई नाराज़गी

समाचार एजेंसी से बातचीत में ललित मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि क्रिकेट का फैसला मैदान में होना चाहिए, न कि बोर्डरूम या राजनीतिक दबाव में। उनका मानना है कि जब खेल में राजनीति हावी होती है, तो उसका सबसे बड़ा नुकसान क्रिकेट को उठाना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शक और प्रशंसक लंबे समय तक यह याद रखते हैं कि किसने खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा निभाई और किसने उससे दूरी बनाई।

भारत-पाक मुकाबले को बताया क्रिकेट की आत्मा

ललित मोदी के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले विश्व क्रिकेट की पहचान रहे हैं। ऐसे मैच सिर्फ अंक तालिका के लिए नहीं, बल्कि खेल की लोकप्रियता और रोमांच के लिए भी अहम होते हैं। उनका कहना था कि इस तरह के हाई-वोल्टेज मैचों से पीछे हटना न केवल खेल भावना के खिलाफ है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की साख को भी नुकसान पहुंचाता है।

चयनात्मक बहिष्कार पर उठे गंभीर सवाल

पाकिस्तान ने 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत के खिलाफ ग्रुप मैच से हटने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय सरकारी दिशा-निर्देशों के बाद लिया गया। हालांकि, पाकिस्तान टूर्नामेंट के अन्य सभी मुकाबलों में हिस्सा लेने को तैयार है। इस चयनात्मक बहिष्कार ने क्रिकेट प्रशासकों और विशेषज्ञों को असमंजस में डाल दिया है, क्योंकि यह निर्णय खेल के नियमों और समान प्रतिस्पर्धा की भावना पर सवाल खड़े करता है।

आईसीसी की भूमिका और अंक तालिका पर संभावित असर

इस पूरे मामले के बाद आईसीसी ने अपने स्टेकहोल्डर्स के साथ विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, यदि कोई टीम किसी मैच से हटती है तो विरोधी टीम को अंक दिए जा सकते हैं। यदि पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है, तो भारत को बिना खेले अंक मिलने की संभावना है, जिससे ग्रुप की तस्वीर शुरुआती दौर में ही बदल सकती है। इसके साथ ही आईसीसी द्वारा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

आर्थिक नुकसान और पीसीबी पर बढ़ता दबाव

मैच के बहिष्कार से पाकिस्तान को आर्थिक रूप से भी भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। ब्रॉडकास्टर्स, स्पॉन्सर्स और अन्य व्यावसायिक साझेदारों को होने वाले नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी पीसीबी पर आ सकती है। ऐसे में यह फैसला पाकिस्तान क्रिकेट के लिए दीर्घकालिक संकट का कारण बन सकता है।

फ्रेंचाइजी क्रिकेट को मिलने वाला अप्रत्यक्ष फायदा

ललित मोदी ने चेतावनी दी कि इस तरह के विवादों का असर भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की कमाई और ब्रॉडकास्ट अधिकारों पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि यदि द्विपक्षीय और बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं, तो ब्रॉडकास्टर्स ऊंची बोली लगाने से पीछे हट सकते हैं। इस स्थिति में फ्रेंचाइजी आधारित टूर्नामेंट, विशेष रूप से आईपीएल, सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभर सकता है।

आईपीएल बनाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की नई बहस

पूर्व आईपीएल चेयरमैन के मुताबिक, आईपीएल अब साल का सबसे बड़ा क्रिकेट आयोजन बन चुका है, जो खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र है। उन्होंने इसे ब्रॉडकास्टिंग के लिहाज से भी एक मजबूत और भरोसेमंद उत्पाद बताया। उनके इस बयान ने एक बार फिर यह चर्चा तेज कर दी है कि क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट धीरे-धीरे फ्रेंचाइजी लीग्स के दबाव में कमजोर पड़ रहा है।

फैंस और पूर्व खिलाड़ियों की बढ़ती निराशा

भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के पूर्व क्रिकेटरों और प्रशंसकों ने इस फैसले पर निराशा जताई है। उनका मानना है कि भारत-पाक मुकाबले सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि इतिहास, भावना और प्रतिस्पर्धा का प्रतीक हैं। कई लोगों का कहना है कि क्रिकेट को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखा जाना चाहिए, ताकि खेल की आत्मा और विश्वसनीयता बनी रहे।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.