SIR Campaign:झारखंड कांग्रेस का मेगा प्लान SIR अभियान से बूथ तक मजबूत पकड़, 29 हजार एजेंट तैयार करेंगे मैदान
SIR Campaign:झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने निर्वाचन आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को महज एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता से सीधा संवाद और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का बड़ा अवसर मानते हुए इसका भरपूर राजनीतिक उपयोग करने की रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी ने पूरे राज्य में 29 हजार से अधिक बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात करने का लक्ष्य रखा है और 15 दिसंबर तक यह प्रक्रिया पूरी करने का टास्क सभी जिला इकाइयों को दे दिया गया है।

बूथ स्तर पर संगठन को बनाएंगे अभेद्य किला रांची में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में नेताओं ने साफ कहा कि अब रैलियों और भीड़ जुटाने का दौर खत्म हो चुका है। असली ताकत बूथ पर होती है और SIR अभियान के जरिए हर बूथ को पार्टी का मजबूत गढ़ बनाना है। इसके लिए हर जिले और प्रखंड में विशेष टीमें गठित की जा रही हैं जो BLA की नियुक्ति, प्रशिक्षण और सक्रियता की लगातार निगरानी करेंगी।
वोटर लिस्ट सुधार के साथ जनसमस्याओं का संकलन SIR केवल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या कटवाने का काम नहीं है। कांग्रेस इसे जनता की समस्याओं को सुनने और उन्हें सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बना रही है। हर बूथ पर तैनात एजेंट मतदाताओं के घर-घर जाकर न सिर्फ उनके दस्तावेज देखेंगे बल्कि बिजली, पानी, राशन, पेंशन जैसी मूलभूत समस्याओं को भी दर्ज करेंगे। ये मुद्दे आगे चलकर विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रमुख हथियार बनेंगे।
युवा और महिलाओं की भागीदारी होगी ऐतिहासिक पार्टी ने साफ निर्देश दिए हैं कि BLA में अधिक से अधिक युवाओं और महिलाओं को शामिल किया जाए। कई जिलों में तो 40 फीसदी से ज्यादा महिला एजेंट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका मकसद सिर्फ संख्या पूरी करना नहीं बल्कि महिला मतदाताओं और युवाओं से सीधा जुड़ाव बनाना है जो आने वाले चुनावों में निर्णायक साबित हो सकते हैं।
जिलावार मॉनिटरिंग और साप्ताहिक समीक्षा हर जिले में SIR अभियान की अलग से मॉनिटरिंग कमेटी बनेगी। प्रदेश नेतृत्व हर सप्ताह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रगति की समीक्षा करेगा। जो जिला पीछे रहेगा, वहां तुरंत अतिरिक्त टीम भेजी जाएगी। पार्टी का दावा है कि 15 दिसंबर तक झारखंड पूरे देश में SIR के मामले में सबसे आगे होगा और इससे संगठन को जो नई ताकत मिलेगी, उसका असर 2029 के विधानसभा चुनाव में साफ दिखेगा।
कांग्रेस की नजर मजबूत वोट बैंक पर जिन इलाकों में कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक मजबूत है, वहां तो खैर पूरी ताकत झोंकी ही जा रही है, लेकिन जिन सीटों पर पार्टी कमजोर रही है, वहां भी SIR के जरिए नया जनाधार तैयार करने की कोशिश है। ग्रामीण क्षेत्रों, आदिवासी बहुल बूथों और शहरी गरीब बस्तियों में विशेष फोकस रहेगा। नेताओं का मानना है कि अगर बूथ जीत लिया तो चुनाव अपने आप जीत जाएगा।
अब रैली नहीं, जिम्मेदारी का समय बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी कि अब बड़े-बड़े मंच और भीड़ जुटाने में समय बर्बाद न करें। असली लड़ाई बूथ पर है। जो पदाधिकारी बूथ स्तर पर काम नहीं करेंगे, उनकी जिम्मेदारी छीनी जाएगी। SIR अभियान को सफल बनाने वाले कार्यकर्ताओं को आगे चलकर चुनाव में टिकट और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का भी आश्वासन दिया गया है।
झारखंड में कांग्रेस इस अभियान के जरिए एक साथ कई लक्ष्य हासिल करना चाहती है – वोटर लिस्ट में अपने समर्थकों के नाम सुनिश्चित करना, विरोधी दलों द्वारा फर्जी वोट डालने की संभावना को रोकना, जनता की समस्याओं को मुद्दा बनाना और सबसे बड़ी बात, 2029 के चुनाव से पहले बूथ स्तर पर पार्टी को पूरी तरह सक्रिय और मजबूत कर लेना। अगर यह प्लान सफल रहा तो झारखंड में सत्ता की वापसी का रास्ता बहुत हद तक साफ हो जाएगा।



