अंतर्राष्ट्रीय

China- म्यांमार स्कैम नेटवर्क पर कार्रवाई, चार दोषियों को मृत्युदंड

China- चीन ने पड़ोसी देश म्यांमार में जड़े जमा चुके एक विशाल अवैध साइबर-धोखाधड़ी तंत्र के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे कठोर न्यायिक कार्रवाई में चार दोषियों को मृत्युदंड दे दिया है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इन लोगों को संगठित वित्तीय अपराध, अवैध ऑनलाइन जुए के कारोबार और छह चीनी नागरिकों की हत्या का जिम्मेदार ठहराया गया था। यह फैसला दक्षिण-पूर्व एशिया में फैले सीमा-पार स्कैम गिरोहों के खिलाफ बीजिंग की तेज होती मुहिम का सबसे कड़ा संकेत माना जा रहा है।

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अदालत की आधिकारिक घोषणा

दक्षिणी चीन के शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने सोमवार सुबह जारी अपने औपचारिक बयान में सजा के क्रियान्वयन की पुष्टि की। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि दोषियों को कानून के मुताबिक दंडित किया गया है, हालांकि फांसी दिए जाने की सटीक तारीख सार्वजनिक नहीं की गई। यह कदम ऐसे समय आया है जब पिछले सप्ताह ही म्यांमार स्थित स्कैम केंद्रों से जुड़े 11 अन्य आरोपियों को भी मौत की सजा सुनाए जाने की घोषणा हुई थी, जिससे यह साफ है कि न्यायिक प्रक्रिया में कोई ढील नहीं बरती जा रही।

पहले भी हो चुकी है सख्त सजा

शेनझेन कोर्ट ने नवंबर पिछले वर्ष इसी मामले से जुड़े पांच अन्य लोगों को भी मृत्युदंड सुनाया था। इनमें बदनाम बाई परिवार के सदस्य शामिल थे, जिनका नाम सीमा-पार जुआ और टेलीकॉम धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क चलाने में सामने आया था। अदालत के मुताबिक, मुख्य सरगना बाई सुओचेंग की सजा के बाद बीमारी के कारण मृत्यु हो गई, लेकिन इससे पूरे गिरोह के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ा।

कोकांग में फैला अवैध साम्राज्य

जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने चीन की सीमा से सटे म्यांमार के कोकांग क्षेत्र में बड़े-बड़े औद्योगिक परिसरों की आड़ में अवैध गतिविधियों का साम्राज्य खड़ा कर लिया था। इन परिसरों का इस्तेमाल ऑनलाइन जुआ, फर्जी कॉल सेंटर और डिजिटल ठगी के लिए किया जा रहा था। स्थानीय प्रशासन की कमजोरी और सीमावर्ती इलाकों की जटिल भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर अपराधी लंबे समय तक बेखौफ काम करते रहे।

पीड़ितों को भारी नुकसान

अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, इस नेटवर्क ने हजारों लोगों को अपने जाल में फंसाकर करीब 29 अरब युआन की ठगी की। पीड़ितों में आम नागरिकों से लेकर छोटे कारोबारियों तक शामिल थे। वित्तीय नुकसान के साथ-साथ इस अपराध श्रृंखला में छह चीनी नागरिकों की जान भी चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। इसके अलावा, अपहरण, जबरन वसूली और अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन जैसे संगीन आरोप भी इन पर लगे।

अपील खारिज, सजा बरकरार

दोषियों ने अपने खिलाफ दिए गए फैसले को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में अपील की थी, लेकिन विस्तृत सुनवाई के बाद उनकी दलीलों को खारिज कर दिया गया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अपराधों की गंभीरता, संगठित प्रकृति और समाज पर पड़े नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए किसी भी प्रकार की नरमी का सवाल ही नहीं उठता। न्यायपालिका ने इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया।

क्षेत्रीय अपराध पर व्यापक दबाव

यह कार्रवाई केवल घरेलू न्यायिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय स्कैम नेटवर्क पर चीन के बढ़ते दबाव का हिस्सा है। म्यांमार के अलावा कंबोडिया और लाओस में भी ऐसे अवैध पार्क फल-फूल रहे थे, जहां तस्करी कर लाए गए मजदूरों से डिजिटल ठगी कराई जाती थी। अब क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक निगरानी बढ़ने के बाद इन अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाने लगातार सिकुड़ते जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सख्ती न केवल चीन के भीतर अपराध रोकने के लिए जरूरी है, बल्कि पूरे क्षेत्र में डिजिटल सुरक्षा और सीमा-पार कानून प्रवर्तन को मजबूत करने का संदेश भी देती है। हालांकि, इन नेटवर्कों की जड़ें गहरी हैं और इन्हें पूरी तरह खत्म करने के लिए लंबे समय तक निरंतर कार्रवाई की आवश्यकता होगी।

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