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Mohammad Yousaf: मोहम्मद यूसुफ के ‘व्यूअरशिप’ दावों की खुली पोल, पाकिस्तान की बढ़ी मुश्किलें

Mohammad Yousaf: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश के बाहर होने के बाद क्रिकेट जगत में बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ऐसा दावा किया, जिसने उन्हें हंसी का पात्र बना दिया। यूसुफ ने तर्क दिया कि बांग्लादेश के बिना आईसीसी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा क्योंकि इस देश की व्यूअरशिप दुनिया के कई बड़े क्रिकेट देशों से कहीं ज्यादा है। हालांकि, उनके इन दावों की हकीकत कुछ ही घंटों में सामने आ गई, जिससे न केवल उनके आंकड़ों पर सवाल उठे, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की रणनीतियों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

Mohammad Yousaf: मोहम्मद यूसुफ के 'व्यूअरशिप' दावों की खुली पोल, पाकिस्तान की बढ़ी मुश्किलें
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मोहम्मद यूसुफ का गणित और आंकड़ों की बाजीगरी

यूसुफ ने अपने पोस्ट में लिखा कि न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और अफगानिस्तान समेत करीब 10 देशों की कुल दर्शक संख्या (178 मिलियन) उतनी ही है, जितनी अकेले बांग्लादेश (176 मिलियन) की है। उन्होंने आईसीसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि खेल को सिद्धांतों पर चलना चाहिए न कि प्रभाव पर। यूसुफ का मानना था कि बांग्लादेश जैसे बड़े दर्शक आधार वाले देश को टूर्नामेंट से दूर रखना आईसीसी के लिए आत्मघाती कदम होगा। उन्होंने बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं का समर्थन करते हुए वैश्विक क्रिकेट प्रशासन को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की।

फैक्ट चेक में धराशायी हुए पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर के दावे

यूसुफ का यह पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर ‘कम्युनिटी नोट’ के जरिए उनकी खिंचाई शुरू हो गई। जांच में पाया गया कि यूसुफ ने जिन आंकड़ों (178 और 176 मिलियन) को क्रिकेट की व्यूअरशिप बताया था, वे असल में उन देशों की कुल जनसंख्या थी। असलियत यह है कि वैश्विक क्रिकेट व्यूअरशिप में बांग्लादेश की हिस्सेदारी महज 4-5 प्रतिशत के करीब है, जबकि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में ब्रॉडकास्टिंग और टीवी पैठ का स्तर बांग्लादेश से कहीं बेहतर है। इस खुलासे के बाद यूसुफ को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है कि उन्होंने जनसंख्या और दर्शकों के बीच के अंतर को समझे बिना ही बयान दे डाला।

पाकिस्तान के बहिष्कार की धमकी और पीसीबी का डर

बांग्लादेश के बाहर होने के बाद पाकिस्तान में एक अलग ही सुगबुगाहट है। खबरें हैं कि पाकिस्तान, बांग्लादेश के पक्ष में खड़े होकर वर्ल्ड कप का बहिष्कार करने पर विचार कर रहा है। इसी सिलसिले में पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से मुलाकात कर भविष्य की रणनीति साझा की है। सरकार ने इस मामले पर फैसला लेने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है, तो आईसीसी उन पर कड़े प्रतिबंध और भारी जुर्माना लगा सकती है। पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे पीसीबी के लिए यह आत्मघाती फैसला साबित हो सकता है।

क्या पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश की होगी टूर्नामेंट में वापसी?

इस पूरे घटनाक्रम में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आ रहा है कि पाकिस्तान की बहिष्कार की धमकी उसी के खिलाफ जा सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर पाकिस्तान हटने का फैसला लेता है, तो आईसीसी उनकी जगह बांग्लादेश को मुख्य टूर्नामेंट में शामिल कर सकती है। पाकिस्तान को पहले ही ‘हाइब्रिड मॉडल’ के तहत अपने मैच श्रीलंका में खेलने थे। ऐसे में अगर पाकिस्तान हटता है, तो बांग्लादेश को श्रीलंका में खेलने का मौका मिल जाएगा, जो उनकी पुरानी मांग भी रही है। ऐसे में पाकिस्तान को न केवल वित्तीय घाटा होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी साख को भी गहरा धक्का लग सकता है।

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