Bihar News: बोधगया में डिप्टी सीएम ने लगाया जनता दरबार, भ्रष्टाचार के आरोपी सीओ पर गिरी गाज
Bihar News: बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा बुधवार को बोधगया के कन्वेंशन हॉल में आयोजित ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों और आम जनता के भूमि विवादों का त्वरित निपटारा करना था। जनसंवाद के दौरान प्रशासन की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार को लेकर कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। सबसे बड़ी कार्रवाई आमस अंचलाधिकारी (सीओ) अरशद मदनी पर हुई, जिन्हें घूसखोरी के गंभीर आरोपों के बाद डिप्टी सीएम ने मंच से ही तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दे दिया।

रसूखदारों के कब्जे और सीओ की लापरवाही पर बरसे विजय सिन्हा
जनसंवाद में जब आमस के निवासी सुमंत कुमार ने अपनी फरियाद रखी, तो वहां मौजूद अधिकारी बगले झांकने लगे। सुमंत ने आरोप लगाया कि उनकी निजी जमीन पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर झोपड़ी बना ली है। पिछले कई महीनों से प्रखंड कार्यालय के चक्कर काटने और जान से मारने की धमकी मिलने के बावजूद प्रशासन मौन रहा। जब डिप्टी सीएम ने इस पर जवाब मांगा, तो सीओ अरशद मदनी ने गैर-जिम्मेदाराना ढंग से कहा कि उन्हें मामला याद नहीं है। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए विजय सिन्हा ने चेतावनी दी कि नियमों के विरुद्ध काम करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
गार्ड के जरिए रिश्वत लेने का आरोप और मौके पर निलंबन
कार्यक्रम में भ्रष्टाचार का दूसरा बड़ा मामला शेरघाटी के जितेंद्र कुमार ने उठाया। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि आमस सीओ ने जमाबंदी के काम के बदले उनसे अपने गार्ड के माध्यम से 25 हजार रुपये की रिश्वत ली है। जितेंद्र ने साक्ष्य के तौर पर मोबाइल रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया। जब अन्य फरियादियों ने भी उसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की झड़ी लगा दी, तो डिप्टी सीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ किया कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा और मौके पर ही अंचलाधिकारी को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर शिकायत झूठी पाई गई तो शिकायतकर्ता पर भी कार्रवाई होगी।
एनएच अधिग्रहण मुआवजा और शिक्षकों के सम्मान पर जोर
भूमि विवादों के अलावा, बाराचट्टी के भुनेश्वर मिस्त्री ने नेशनल हाईवे निर्माण में अधिग्रहित की गई अपनी जमीन के मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि उनकी जमीन तो ले ली गई लेकिन आज तक पैसा नहीं मिला। इस पर डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया कि सरकारी परियोजनाओं में जमीन देने वाले किसी भी व्यक्ति का हक नहीं मारा जाएगा। वहीं, मोहड़ा के मुंद्रिका प्रसाद यादव, जो पेशे से शिक्षक हैं, की शिकायत पर विजय सिन्हा ने स्थानीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक को तीन साल तक दफ्तरों के चक्कर कटवाना शर्मनाक है और उनकी खतियानी जमीन से अवैध कब्जा तुरंत हटाने के निर्देश दिए।
भू-माफियाओं और भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ सरकार की चेतावनी
संवाद के समापन पर उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार भूमि सुधारों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी जनता को परेशान कर रहे हैं या भू-माफियाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, उनका स्थान दफ्तर में नहीं बल्कि जांच के घेरे में है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि इन सभी लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा की जाए और रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाए। बोधगया में हुई इस त्वरित कार्रवाई से उन पीड़ितों में उम्मीद जगी है जो वर्षों से सरकारी व्यवस्था की लेट-लतीफी और भ्रष्टाचार का दंश झेल रहे थे।



