उत्तराखण्ड

Shivpuri Rishikesh: ऋषिकेश की उफनती लहरों के बीच राफ्टिंग गाइड ने कुछ यूं दिखाई बहादुरी

Shivpuri Rishikesh: उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित शिवपुरी की लहरों के बीच शनिवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने साबित कर दिया कि असली नायक वर्दी से नहीं बल्कि अपने अदम्य साहस से पहचाने जाते हैं। यहां गंगा के तेज बहाव में डूब रहे गुरुग्राम के एक पर्यटक के लिए साहसिक प्रशिक्षण केंद्र के मुख्य गाइड विपिन शर्मा फरिश्ता बनकर आए। जब लहरों के बीच पर्यटक की सांसें जवाब देने लगी थीं, तब विपिन ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी। न केवल उसे पानी से बाहर निकाला, बल्कि अपनी मेडिकल सूझबूझ और निरंतर सीपीआर के जरिए थम चुकी धड़कनों को फिर से लौटा दिया।

Shivpuri Rishikesh: ऋषिकेश की उफनती लहरों के बीच राफ्टिंग गाइड ने कुछ यूं दिखाई बहादुरी
Shivpuri Rishikesh: ऋषिकेश की उफनती लहरों के बीच राफ्टिंग गाइड ने कुछ यूं दिखाई बहादुरी

दोस्ती निभाने के चक्कर में गंगा की लहरों में फंसा युवक

घटना 25 जनवरी की दोपहर करीब एक बजे की है। गुरुग्राम से अविनाश अपने पांच दोस्तों के साथ शिवपुरी के यूसुफ बीच पर घूमने आए थे। किनारे पर आचमन के दौरान अचानक एक दोस्त की चप्पल पानी में बहने लगी। उसे पकड़ने की कोशिश में एक युवक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। अपने दोस्त को संकट में देख अविनाश उसे बचाने के लिए गंगा में कूद पड़ा। संघर्ष के बाद पहला युवक तो सुरक्षित किनारे लग गया, लेकिन अविनाश खुद को नहीं संभाल सका और गंगा की प्रचंड धारा उसे बहा ले गई।

गाइड की सतर्कता और रेस्क्यू का रोमांचक घटनाक्रम

उसी समय युवा कल्याण विभाग के मुख्य गाइड विपिन शर्मा प्रशिक्षणार्थियों को राफ्टिंग सिखा रहे थे। चीख-पुकार सुनकर उन्होंने तुरंत खतरे को भांप लिया और सीटी बजाकर अन्य गाइडों को सतर्क किया। विपिन के सहयोगी जितेंद्र त्यागी ने तुरंत रस्सी फेंकी, लेकिन जब बात नहीं बनी तो विपिन ने खुद उफनती गंगा में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद वे अचेत हो चुके अविनाश को खींचकर किनारे पर लाए। उस वक्त पर्यटक पूरी तरह बेसुध हो चुका था और शरीर में कोई हलचल नहीं थी।

जीवन रक्षक सीपीआर ने 15 मिनट में दिखाया चमत्कार

किनारे पर लाने के बाद असली चुनौती अविनाश की सांसें लौटाने की थी। विपिन ने देखा कि युवक का एयरवेज ब्लॉक हो गया था, जिससे फेफड़ों तक हवा नहीं जा रही थी। उन्होंने बेहद सूझबूझ के साथ पहले उसका श्वसन मार्ग साफ किया और फिर टीम के साथ मिलकर लगातार 15 मिनट तक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया। करीब 45 मिनट के संघर्ष के बाद चमत्कार हुआ और अविनाश की सांसें चलने लगीं। 108 एम्बुलेंस के पहुंचने तक पर्यटक चलने-फिरने की स्थिति में आ चुका था और खुद चलकर अस्पताल के लिए रवाना हुआ।

अनुभवी गाइडों को सम्मानित करने की उठ रही मांग

इस साहसिक कार्य की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हर कोई विपिन शर्मा की तारीफ कर रहा है। गंगा नदी रीवर राफ्टिंग रोटेशन समिति के पूर्व अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने कहा कि रिवर गाइड न केवल पर्यटकों को रोमांच देते हैं, बल्कि उनके जीवन के रक्षक भी हैं। उन्होंने मांग की कि पर्यटन विभाग को ऐसे जांबाज गाइडों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना चाहिए। वहीं, चिकित्सकों का कहना है कि संकट के समय सही तकनीक से दिया गया सीपीआर किसी भी व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है।

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