Digital Eye Strain Prevention: आंखों की रोशनी बचाने के लिए स्क्रीन से कितनी होनी चाहिए दूरी…
Digital Eye Strain Prevention: आज के डिजिटल युग में हमारा अधिकांश समय कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफोन की स्क्रीन के सामने बीतता है। लगातार घंटों तक स्क्रीन पर नजरें टिकाए रखने से न केवल आंखों में थकान होती है, बल्कि यह दृष्टि दोष का कारण भी बन सकता है। (Optimal Viewing Distance) को बनाए रखना आंखों के स्वास्थ्य के लिए सबसे प्राथमिक और प्रभावी कदम माना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जब हम बहुत करीब से स्क्रीन को देखते हैं, तो हमारी आंखों की मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे सिरदर्द और धुंधलापन महसूस होने लगता है। आंखों की सुरक्षा के लिए केवल स्क्रीन की दूरी ही नहीं, बल्कि बैठने का सही तरीका और कमरे की रोशनी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

कंप्यूटर और लैपटॉप इस्तेमाल करते समय सही दूरी का मानक
अक्सर ऑफिस में काम करते समय हम अनजाने में स्क्रीन के बहुत करीब झुक जाते हैं, जो आंखों के रेटिना को नुकसान पहुँचा सकता है। एक आदर्श स्थिति वह है जहाँ आपकी कंप्यूटर स्क्रीन आपकी आंखों से कम से कम 20 से 28 इंच की दूरी पर हो। (Computer Ergonomics Guidelines) के अनुसार, स्क्रीन का ऊपरी हिस्सा आपकी आंखों के स्तर पर या उससे थोड़ा नीचे होना चाहिए ताकि आपकी गर्दन और आंखों पर अतिरिक्त तनाव न पड़े। यदि आप लैपटॉप का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे सीधे गोद में रखने के बजाय एक ऊंचे स्टैंड या टेबल पर रखें। इससे न केवल आपकी आंखों को राहत मिलेगी, बल्कि आपके बैठने के पोस्चर में भी सुधार होगा।
स्मार्टफोन और टैबलेट के लिए सुरक्षित फासला क्या है?
कंप्यूटर की तुलना में हम स्मार्टफोन को आंखों के बहुत करीब रखते हैं, जो बच्चों और युवाओं में मायोपिया के खतरे को बढ़ा रहा है। छोटे अक्षरों को पढ़ने के लिए आंखों को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए (Mobile Screen Distance) हमेशा कम से कम 12 से 16 इंच के बीच होनी चाहिए। यदि आपको करीब से देखने में परेशानी हो रही है, तो स्क्रीन को पास लाने के बजाय फॉन्ट साइज बढ़ा देना एक बेहतर विकल्प है। स्मार्टफोन का उपयोग करते समय हमेशा ध्यान रखें कि स्क्रीन की ब्राइटनेस कमरे की रोशनी के अनुरूप हो, ताकि आंखों को ‘ब्लू लाइट’ के नकारात्मक प्रभाव से बचाया जा सके।
आंखों को आराम देने के लिए 20-20-20 नियम का पालन
लगातार स्क्रीन पर काम करने से आंखों में सूखापन या ‘ड्राई आई सिंड्रोम’ की समस्या हो सकती है क्योंकि हम स्क्रीन देखते समय पलकें झपकाना भूल जाते हैं। इस समस्या से बचने के लिए दुनिया भर के नेत्र रोग विशेषज्ञ (Vision Care Exercises) के रूप में 20-20-20 नियम की सलाह देते हैं। इसका अर्थ है कि हर 20 मिनट के काम के बाद, कम से कम 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को 20 सेकंड के लिए देखें। यह छोटी सी गतिविधि आपकी आंखों की मांसपेशियों को आराम देने और प्राकृतिक नमी बनाए रखने में बहुत मददगार साबित होती है। इसके अलावा, काम के बीच-बीच में अपनी पलकों को जानबूझकर झपकाना भी आवश्यक है।
बेहतर दृष्टि के लिए अन्य महत्वपूर्ण सावधानियां और उपाय
स्क्रीन से दूरी बनाए रखने के साथ-साथ कुछ अन्य कारक भी हैं जो आपकी आंखों की चमक को बरकरार रखते हैं। कमरे में लाइटिंग ऐसी होनी चाहिए कि स्क्रीन पर किसी तरह का रिफ्लेक्शन या ‘ग्लेयर’ न पड़े, इसके लिए आप (Anti Glare Screen Protector) का उपयोग भी कर सकते हैं। अपनी डाइट में विटामिन-ए और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें जो आंखों के ऊतकों को मजबूती प्रदान करते हैं। यदि आपको लगातार आंखों में खुजली, पानी गिरना या नजर कमजोर होने के लक्षण महसूस हों, तो इसे सामान्य थकान न समझें। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना ही आपकी अनमोल आंखों के लिए सही निर्णय होगा।



