Refined-Flour: मैदा और रिफाइंड फ्लोर के लगातार सेवन से होने वाले स्वास्थ्य खतरे
Refined-Flour: मैदा या रिफाइंड फ्लोर का इस्तेमाल हमारी रोजमर्रा की रसोई में काफी आम हो गया है। यह रोटी, पराठा, पिज्जा, केक और बिस्किट जैसी चीजों में प्रमुख रूप से इस्तेमाल होता है। हालांकि, स्वाद और बनावट में यह अच्छा लगता है, लेकिन इसके लगातार सेवन से कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से मैदा खाने से शरीर में पोषण की कमी, मोटापा और अन्य गंभीर रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

मैदा क्यों स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है
मैदा में फाइबर, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व काफी कम होते हैं। यह केवल कार्बोहाइड्रेट का स्रोत होता है, जो शरीर में तुरंत ग्लूकोज में बदल जाता है। इससे ब्लड शुगर का स्तर तेजी से बढ़ता और गिरता है, जो लंबे समय तक डायबिटीज का कारण बन सकता है।
पाचन तंत्र पर प्रभाव
रिफाइंड फ्लोर खाने से पाचन तंत्र भी प्रभावित होता है। इसमें फाइबर की कमी के कारण कब्ज की समस्या बढ़ती है। साथ ही, आंतों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और लंबे समय तक इसका सेवन करने से इन्फ्लेमेशन यानी सूजन की समस्या भी हो सकती है।
वजन बढ़ने का खतरा
मैदा में कैलोरी अधिक होती है और यह जल्दी पचता है। लगातार सेवन से शरीर में फैट जमा होने लगता है। यह मोटापा और उससे जुड़े स्वास्थ्य खतरों जैसे हार्ट डिजीज और हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है।
त्वचा और बालों पर असर
मैदा और रिफाइंड फ्लोर का अधिक सेवन त्वचा और बालों की सेहत पर भी असर डाल सकता है। इससे चेहरे पर मुंहासे और दाने बनने लगते हैं। बाल कमजोर और झड़ने लगते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसका संबंध ग्लाइसेमिक इंडेक्स के उच्च स्तर से है, जो त्वचा और बालों की कोशिकाओं को प्रभावित करता है।
हृदय और मेटाबॉलिज्म पर प्रभाव
मैदा खाने से शरीर में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और इंसुलिन की मात्रा असंतुलित होती है। यह मेटाबॉलिक सिंड्रोम, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी रोगों के जोखिम को बढ़ाता है। यदि यह आदत लंबे समय तक जारी रहे तो शरीर में सूजन और रक्त वाहिकाओं की समस्या भी हो सकती है।
मैदा के विकल्प और बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि मैदा के स्थान पर होल व्हीट फ्लोर, जौ या बाजरे का इस्तेमाल करना बेहतर होता है। इनमें फाइबर और पोषण अधिक होता है। इसके अलावा, सब्जियों, फल और दालों का सेवन बढ़ाकर शरीर में पोषण संतुलित रखा जा सकता है। अगर आप मैदा का सेवन कम कर देंगे और हेल्दी विकल्प चुनेंगे तो यह वजन नियंत्रण और ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने में मदद करेगा।
निष्कर्ष यह है कि मैदा और रिफाइंड फ्लोर का अत्यधिक सेवन शरीर के लिए नुकसानदेह है। इससे बचाव के लिए पोषणयुक्त आहार अपनाना, हाई फाइबर फूड शामिल करना और मैदा का सेवन कम करना जरूरी है।



